Home Latest News & Updates शिक्षा में डिजिटल क्रांति: अगले 3 वर्षों में देश के सभी हाईस्कूल होंगे ब्रॉडबैंड से लैस, शिक्षकों को मिलेगी AI की ट्रेनिंग

शिक्षा में डिजिटल क्रांति: अगले 3 वर्षों में देश के सभी हाईस्कूल होंगे ब्रॉडबैंड से लैस, शिक्षकों को मिलेगी AI की ट्रेनिंग

by Sanjay Kumar Srivastava
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शिक्षा में डिजिटल क्रांति: अगले 3 वर्षों में देश के सभी हाई स्कूल होंगे ब्रॉडबैंड से लैस, शिक्षकों को दी जाएगी AI की ट्रेनिंग

AI in Education: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि भारत के सभी हाई स्कूलों में अगले 2-3 वर्षों के भीतर ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन होगा.

AI in Education: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि भारत के सभी हाई स्कूलों में अगले 2-3 वर्षों के भीतर ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन होगा. राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी प्रकार की शिक्षा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षकों को AI के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं. प्रधान ने कहा कि देश में लगभग 60 प्रतिशत हाई स्कूल ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि अगले 2-3 वर्षों तक देश के सभी हाई स्कूल ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ जाएंगे.

कक्षा तीन से दी जाएगी AI की जानकारी

एआई पर मंत्री ने कहा कि देश इस तकनीक में सबसे आगे है. प्रधान ने कहा कि एआई एक क्षैतिज विषय है. आज, जब हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नए पाठ्यक्रम को लागू कर रहे हैं. कहा कि एआई का प्राथमिक ज्ञान कक्षा तीन से होगा. उन्होंने कहा कि लगभग सभी मातृभाषाएं एआई से जुड़ी हुई हैं. एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में है और अधिकांश स्कूल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के दायरे में आते हैं. प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) के महत्व और स्कूली पाठ्यक्रम में इसकी भूमिका पर जोर दिया है. नीति में उल्लेख किया गया है कि सभी स्तरों पर छात्रों में इन विभिन्न महत्वपूर्ण कौशलों को विकसित करने के लिए प्रासंगिक चरणों में एआई, डिजाइन थिंकिंग आदि जैसे समसामयिक विषयों की शुरुआत की जाएगी.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की पहल

मंत्रालय ने आर्टिफिशियल को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं. प्रधान ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है. स्कूली छात्रों (कक्षा 6-12) के बीच जागरूकता और मूलभूत दक्षताओं और शिक्षकों के बीच एआई साक्षरता के निर्माण के लिए एआई को शामिल किया जा रहा है. स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्कूली छात्रों में एआई-तत्परता पैदा करने के लिए कम्प्यूटेशनल सोच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (सीटी और एआई) पर एक पाठ्यक्रम विकसित किया है. यह पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 में कक्षा 3 से 8वीं तक लागू किया जाएगा. इसके अतिरिक्त सीबीएसई कक्षा VI-VIII के लिए एआई पर एक कौशल मॉड्यूल और कक्षा IX-XII में एक वैकल्पिक कौशल आधारित विषय के रूप में प्रदान करता है.

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News Source: PTI

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