Home Latest News & Updates अरुणाचल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्टः 333 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद

अरुणाचल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्टः 333 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद

by Sanjay Kumar Srivastava 9 July 2026, 7:45 PM IST
9 July 2026, 7:45 PM IST
अरुणाचल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्टः 333 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Arunachal Rain: अरुणाचल प्रदेश के छह ज़िलों में बाढ़ और लैंडस्लाइड से घर, सड़कें और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने गुरुवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में केयी पैन्योर, अपर सियांग, तिरप, चांगलांग, पापुम पारे और अपर सुबनसिरी में भारी नुकसान हुआ. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को शी योमी, सियांग, ईस्ट सियांग, लोअर दिबांग वैली, लोहित और लॉन्गडिंग ज़िलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है. विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. शुक्रवार से बारिश कम होने की उम्मीद है और उस दिन केवल पापुम पारे, लोअर दिबांग वैली और तिरप ज़िलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है.

कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

IMD ने कहा कि सप्ताहांत (वीकेंड) में मौसम और बेहतर होने की संभावना है और शनिवार तक राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में कोई चेतावनी नहीं रहेगी. हालांकि, पूर्वी और पहाड़ी इलाकों वाले ज़िलों में सोमवार तक आंधी-तूफान और भारी बारिश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी रहने की संभावना है. पिछले 24 घंटों में प्रभावित इलाकों में अपर सियांग का यिंगकियोंग गांव; तिरप का खोंसा शहर और खेती गांव, चांगलांग के फांगटिप, ओल्ड जुखी, यानमान, बुबांग-I, जोंगजी हावी, सोंगको हावी, थामियांग, नामटोक मुख्यालय, नोइटोंग, चाग्रा और फुंगसा गांव; पापुम पारे के गेराम, गोया, होजी-I, होजी-II, खील, लैंगपेक, मेप्सोरो, टेचिर, तोरू और यायी-I गांव; और अपर सुबनसिरी के एरू, निंगपिन, दारू, उली, सेगी, डेबॉम, बुई, लिडा, बुलो, न्गुकी और रिद्दी गांव शामिल हैं.

अब तक छह लोगों की मौत

हाल ही में हुई बारिश की वजह से आई बाढ़ और ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाओं ने अरुणाचल प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, जिसमें राज्य में छह लोगों की मौत हो गई है. बुधवार को लोहित ज़िले में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड की चपेट में आने से बिहार के दो मज़दूरों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. 24 जून को केयी पैन्योर में अचानक आई बाढ़ में दो महिलाएं बह गईं और लगातार तलाशी के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया है. इससे पहले, 28 जून को अंजाव ज़िले के सारती गांव में लैंडस्लाइड से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि केयी पैन्योर ज़िले के पोसा में अचानक आई बाढ़ में तीन अन्य लोगों की जान चली गई थी.

प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य जारी

बयान में कहा गया है कि बारिश के कारण आई बाढ़ और लैंडस्लाइड से 26 ज़िलों में फैले 237 सर्किलों के 333 गांवों में कम से कम 94,201 लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ और लैंडस्लाइड से खेती और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. कुल 334.2 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें बागवानी के तहत 185.5 हेक्टेयर और खेती के तहत 148.7 हेक्टेयर ज़मीन शामिल है, जबकि 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है. बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान में 131 सड़कें, 19 पुल, 21 पुलिया (कलवर्ट), 191 जलापूर्ति प्रणालियां, 58 सरकारी इमारतें, 21 बिजली लाइनें, 224 बिजली के खंभे, चार पनबिजली परियोजनाएं, सात रिटेनिंग दीवारें, सात बाढ़ सुरक्षा दीवारें, दो अस्पताल और तीन स्कूल शामिल हैं. इसके अलावा ड्रेनेज नेटवर्क और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. बयान में कहा गया है कि राज्य भर में सैकड़ों घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. केयी पैन्योर में दो राहत शिविर चल रहे हैं, जहां अभी 252 लोग शरण लिए हुए हैं. प्रभावित ज़िलों में बचाव और राहत कार्य जारी है.

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News Source: PTI

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