Home Latest News & Updates JPSC रिजल्ट पर सियासी संग्राम, BJP ने CBI जांच की उठाई मांग; कांग्रेस ने किया पलटवार

JPSC रिजल्ट पर सियासी संग्राम, BJP ने CBI जांच की उठाई मांग; कांग्रेस ने किया पलटवार

by Live Times 9 July 2026, 5:49 PM IST (Updated 9 July 2026, 6:12 PM IST)
9 July 2026, 5:49 PM IST (Updated 9 July 2026, 6:12 PM IST)
Political row over JPSC results

Jharkhand News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है. परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने सरकार और आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए परीक्षा रद्द कर CBI जांच की मांग की है. वहीं, छात्र संगठनों ने भी आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है. दूसरी ओर सत्ताधारी कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पलटवार किया है. ऐसे में JPSC का मामला अब केवल परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है.

अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

परिणाम घोषित होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि 103 रिक्तियों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए. इसके अलावा परिणाम जारी होने वाले दस्तावेज पर आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं. बैकलॉग पीटी परीक्षा के 832 अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड और परिणाम को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं.

आयोग ने नहीं दिया स्पष्टीकरण

कुछ अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि अंकों के मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया में विसंगतियां दिखाई दे रही हैं. इन्हीं आरोपों के आधार पर परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, आयोग की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.

संदेह के घेरे में आयोग की कार्यप्रणाली

BJP के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि JPSC अब ‘झारखंड का भविष्य बर्बाद आयोग’ बन चुका है. उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली पूरी तरह संदेह के घेरे में है और परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता नहीं दिख रही. उनका आरोप है कि कटऑफ सार्वजनिक नहीं करना, हस्ताक्षर के बिना परिणाम जारी होना और OMR से जुड़े विवाद पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं.

BJP ने मांग की है कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए. साथ ही मेरिट सूची, कटऑफ, मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

छात्र संगठनों का आंदोलन भी तेज हुआ

उधर, परीक्षा परिणाम के विरोध में छात्र संगठनों का आंदोलन भी तेज हो गया है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में छात्रों, अभिभावकों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने रांची में जिला स्कूल से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला. प्रदर्शनकारियों ने JPSC अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.

देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विचार किए बिना मुख्य परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है. उनका कहना है कि जब तक पीटी परीक्षा की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक मुख्य परीक्षा आयोजित करना लाखों छात्रों के साथ अन्याय होगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कथित अनियमितताओं के साक्ष्य राज्यपाल को भी सौंपे गए हैं.

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भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को JPSC पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल की स्थिति याद करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री रहते JPSC भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था और उस दौर के आयोग के अध्यक्ष व सदस्य कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं. कांग्रेस का दावा है कि महागठबंधन सरकार आयोग को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है तथा भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है.

विवाद लगातार गहराता जा रहा

फिलहाल JPSC परिणाम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. एक ओर विपक्ष सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़ा है, दूसरी ओर छात्र संगठन सड़कों पर उतर चुके हैं, जबकि सत्तापक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहा है. अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और JPSC पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और आगे क्या कदम उठाते हैं. आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और अधिक गर्मा सकता है.

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  • झारखंड से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट

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