Home Top News ईरान में खराब अर्थव्यवस्था पर फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़, हिंसक प्रदर्शनों में 7 की मौत

ईरान में खराब अर्थव्यवस्था पर फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़, हिंसक प्रदर्शनों में 7 की मौत

by Sanjay Kumar Srivastava
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Violence in Iran

Violence in Iran: ईरान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण वहां लोगों का आक्रोश भड़क उठा. हजारों जनता सड़कों पर उतर आई. इस दौरान भड़की हिंसा गुरुवार को इस्लामी गणराज्य के ग्रामीण प्रांतों तक फैल गई.

Violence in Iran: ईरान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण वहां लोगों का आक्रोश भड़क उठा. हजारों जनता सड़कों पर उतर आई. इस दौरान भड़की हिंसा गुरुवार को इस्लामी गणराज्य के ग्रामीण प्रांतों तक फैल गई, जहां सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में सात लोगों की मौत हो गई. ईरान में भारी महंगाई, रोजगार के मुद्दे और मुद्रा में लगातार गिरावट से हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शन में 10 विश्वविद्यालयों के छात्र भी शामिल हुए हैं, जिससे यह प्रदर्शन अब तेजी से देश के अन्य हिस्सों में भी फैल रहे हैं. रान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया जिससे कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. जून में इस्राइल के साथ संघर्ष ने वित्तीय स्थिति और कमजोर कर दी है. रान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि हाल के विरोध प्रदर्शन 2022 में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों से छोटे हैं. 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद प्रदर्शन हुए थे. महिलाओं के लिए ईरान के सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में अमीनी को गिरफ्तार किया गया था. अमीनी की मौत से पूरे देश में लोगों के बीच भारी आक्रोश फैल गया था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

अजना शहर में सबसे भीषण हिंसा

राजधानी तेहरान सहित कई जगहों पर प्रदर्शन फैल गए हैं. बुधवार को दो और गुरुवार को पांच मौत चार शहरों में हुईं, जहां मुख्य रूप से ईरान के लूर जातीय समूह के लोग रहते हैं. सबसे भीषण हिंसा ईरान के लोरेस्टान प्रांत के अजना शहर में हुई, जो तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. वहां सड़कों पर जलती हुई वस्तुएं और गोलियों की आवाजें गूंजती हुई दिखाई दे रही थीं. फार्स समाचार एजेंसी ने तीन लोगों के मारे जाने की सूचना दी. ईरान के चहारमहल और बख्तियारी प्रांत के लोरदेगान शहर में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर इकट्ठा दिखाई दिए. फार्स ने बताया कि गुरुवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान दो लोगों की मौत हो गई. ईरान के मानवाधिकार केंद्र ने भी कहा कि वहां दो लोगों की मौत हुई है और मृतकों की पहचान प्रदर्शनकारियों के रूप में की गई है. इसने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें एक ईरानी पुलिस अधिकारी कवच ​​पहने और बंदूक लिए हुए दिखाई दे रहा है. ईरान के इस्फ़हान प्रांत के फुलादशहर में राज्य मीडिया ने गुरुवार को एक व्यक्ति की मौत की खबर दी, जिसे जनता ने पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का नतीजा बताया.

दंगाइयों के हाथों चढ़ा अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड

बुधवार रात को प्रदर्शन के दौरान अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड के बासिज बल के 21 वर्षीय स्वयंसेवक की मौत हो गई. सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने गार्ड सदस्य की मौत की खबर दी. एक ईरानी समाचार एजेंसी स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क ने लोरिस्तान प्रांत के उप राज्यपाल सईद पौराली के बयानों का हवाला देते हुए गार्ड सदस्य की मौत के लिए सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों को दोषी ठहराया. उन्होंने बताया कि गार्ड का एक सदस्य प्रदर्शनों के दौरान दंगाइयों के हाथों शहीद हो गया. उन्होंने कहा कि बासिज के 13 अन्य सदस्य और पुलिस अधिकारी घायल हो गए. पौराली ने कहा कि ये प्रदर्शन आर्थिक दबाव, मुद्रास्फीति और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण हुए हैं. नागरिकों की आवाज को सुना जाना चाहिए. ये प्रदर्शन तेहरान से 400 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित कौहदाश्त शहर में हुए. स्थानीय अभियोजक काज़ेम नज़ारी ने कहा कि प्रदर्शनों के बाद 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कहा कि मुद्रा में गिरावट से प्रदर्शन और हिंसा को बढ़ावा मिला.

प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करेंगे राष्ट्रपति

उधर प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाली ईरान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है. हालांकि, पेज़ेश्कियन ने स्वीकार किया है कि वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते क्योंकि ईरान की रियाल मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन हुआ है और अब 1 डॉलर की कीमत लगभग 1.4 मिलियन रियाल है. इस बीच, सरकारी टेलीविजन ने बताया कि सुरक्षा बलों ने 100 पिस्तौलें जब्त की है. आर्थिक मुद्दों से उपजे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों ने ईरान की धार्मिक सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए. ईरान ने कहा है कि वह अब देश में किसी भी स्थल पर यूरेनियम संवर्धन नहीं कर रहा है. पश्चिम को यह संकेत देने की कोशिश कर रहा है कि वह प्रतिबंधों में ढील देने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर संभावित बातचीत के लिए तैयार है.

ये भी पढ़ेंः यूक्रेन ने रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों पर किया ड्रोन से हमला, 24 लोगों की मौत; मना रहे थे जश्न

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