Home Top News लद्दाख पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल को सौंपी शक्तियां

लद्दाख पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल को सौंपी शक्तियां

by Sachin Kumar
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Ladakh News : MHA की तरफ से यह फैसला लद्दाख के उपराज्यपाल की 100 करोड़ रुपये तक की योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की मौजूदा शक्तियों को वापस लौटा दिया है.

Ladakh News : केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने लद्दाख को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. MHA ने शुक्रवार को उपराज्यपाल को फाइनेंशियल पावर डेलीगेशन नियमों (DFPRS) के तहत 100 करोड़ रुपये तक की लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्तियां वापस सौंप दी हैं. गृह मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार लद्दाख समेत बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों, LGs को DFPRS 2024 के तहत 100 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के मूल्यांकन और मंजूरी के लिए शक्तियों को एक बार फिर मंजूरी दे दी गई है.

100 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

MHA की तरफ से यह फैसला लद्दाख के उपराज्यपाल की 100 करोड़ रुपये तक की योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की मौजूदा शक्तियों, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी की 20 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की शक्तियों को वापस लेने के एक महीने बाद आया है. नए आदेश के मुताबिक, ये शक्तियां लेफ्टिनेंट गवर्नर द्वारा संबंधित केंद्र शासित प्रदेश के सेक्रेटरी (वित्त) फाइनेंशियल एडवाइजर के साथ सलाह-मशविरा करके और पर्याप्त बजट प्रावधानों की उपलब्धता के अधीन इस्तेमाल की जाएंगी. इसके अलावा मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि उपराज्यपाल की दी गई शक्तियों को आगे किसी और को नहीं सौंपा जाएगा.

विभाग को देनी होगी सूचना

गृह मंत्रालय एक बयान में यह भी साफ किया गया है कि उपराज्यपाल को दी शक्तियों के तहत मंजूर किए गए प्रस्ताव की डिटेल्स MHA के जरिए खर्च विभाग को हर तीन महीने में देनी होंगी. MHA ने आगे कहा क स्कीमों पर खर्च को मंजूरी देने की लेफ्टिनेंट गवर्नर की शक्तियां शुरुआती मंजूरी से लेकर फाइनल मंजूरी तक, DFPR 2024 के नियम 16 के तहत जारी रहेंगी. वित्त मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कीमों की जांच और मंजूरी के बाद ही होगी. इसके अलावा आदेश में यह भी कहा गया है कि शक्तियों का यह डेलीगेशन 19 सितंबर, 2025 के पिछले आदेश रद्द करके जारी किया गया है और इसे वित्त मंत्रालय के खर्च विभाग ने मंजूरी दी है.

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