Ajit Doval: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेजाई ने सोमवार शाम भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल से फोन पर बात की. भारत में ईरानी दूतावास के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने हाल की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के साथ-साथ भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की जानकारी साझा की.
होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान के नियंत्रण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि ईरान का इस महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर पर पूरा नियंत्रण है. बघाई ने चेतावनी दी कि जब तक विदेशी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक क्षेत्र में सुरक्षा बहाल नहीं की जा सकती.
अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए बघाई ने कहा कि वाशिंगटन के आधिकारिक बयान जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते. उन्होंने कहा, “अमेरिकियों के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते. वे भले ही कहते रहें कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब महत्वपूर्ण नहीं है और ईरान ने अपना फायदा खो दिया है, लेकिन हम अपना काम कर रहे हैं.”
“ईरानी कूटनीति बदल गई है”
अलग से मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान की सात शर्तों में से कुछ को मानने के लिए सहमत हो गया है. हालांकि, उन्होंने अमेरिका की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया. एक्स पर पोस्ट करते हुए रेज़ाई ने कहा, “अमेरिका ईरान की सात शर्तों में से कुछ को मानने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन हम उसकी प्रतिक्रिया को अपर्याप्त मानते हैं. ईरानी कूटनीति बदल गई है और पुरानी स्थिति में वापसी नहीं होगी.”
ईरान के इन बयानों और खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है. यह स्थिति भारत के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि इन घटनाओं से कई भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है.
ओमान में जहाज पर हमला, 2 भारतीय लापता
यह बातचीत खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कमर्शियल जहाजों पर हमलों की खबरों के बीच हुई. इस बीच केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को बताया कि 11 अक्टूबर को ओमान में सोहर एंकरेज के पास निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ था. जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे. हमले के बाद, नौ क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं. ओमान में भारतीय दूतावास ने भी कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है.
एक अन्य घटना में, 11 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर M/T वाल्थेरा पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ. हमले के कारण जहाज पर आग लग गई. टैंकर पर 11 भारतीय नाविक सवार थे. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं.
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News Source: ANI
