India Backs Iran in UNHRC : ईरान के खिलाफ पश्चिमी देश UNHRC में एक प्रस्ताव लेकर आए. इस दौरान भारत ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया और ईरान के साथ एकजुटता का संदेश दिया.
India Backs Iran in UNHRC : मुश्किल दौर से गुजर रहे ईरान के साथ देने के लिए भारत एक बार फिर खड़ा हो गया. मामला यह है कि यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट काउंसिल (UNHRC) के 39वें सत्र में ईरान के खिलाफ पश्चिमी देश निंदा प्रस्ताव लेकर आए, जहां पर खुलकर भारत ने तेहरान का साथ दिया. इस प्रस्ताव न केवल भारत ने विरोध किया बल्कि ‘NO’ वोट डालकर पश्चिम देशों के अलावा अमेरिका और NATO को चौंका दिया.
अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा भारत
ईरान में आर्थिक संकट के बाद भारी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान ईरानी शासन पर आरोप है कि उसने शांतिपूर्ण तरीके प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से दबाया. यही वजह थी कि पश्चिमी देश UNHRC में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर एक प्रस्ताव लेकर आए. वहीं, अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने तेहरान को बुरी तरह फंसा दिया. इसी वक्त भारत ने डंके की चोट पर वोट करके पश्चिमी देशों को भारी झटका दिया.
वहीं, पश्चिमी देश को विश्वास ही नहीं रहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत ईरान का समर्थन करेगा. भारत ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों में कोई दखलअंदाजी नहीं करने वाला है. साथ ही इस तरह के फैसले से भारत की कूटनीतिक और स्वतंत्र ताकत दिखी. UNHRC में निंदा प्रस्ताव लाने वाले पश्चिमी देशों को लगा कि वह ईरान को अलग-थलग कर देंगे. लेकिन भारत के वोट ने उनको अलग-थलग कर दिया. इसके अलावा चीन ने भी इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया और ईरान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुलकर समर्थन किया.
क्या हुआ बैठक में?
चीन, पाकिस्तान, इथोपिया और क्यूबा जैसे देशों ने बैठक की उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. चीन के राजदूत जिया गाइड ने कहा कि ईरान का दंगा उसका आंतरिक मामला है. इसके अलावा उन्होंने जांच के खर्च का भी मुद्दा उठाया और कहा कि पहले से ही कई जांच पेंडिंग में अगर ये एक और जांच होती है तो इसका खर्च कौन वहन करेगा. इसके बाद वोटिंग की बारी आई और कुल 46 देशों ने वोट किया. प्रस्ताव ईरान के खिलाफ था और उसके खिलाफ जांच बढ़ने वाली थी. वहीं, ईरान के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में 25 वोट पड़े और विपक्ष में 7 पड़े, जबकि 14 देशों ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया.
ऐसा हुई वोटिंग
- प्रस्ताव के खिलाफ इन देशों ने किया वोट : भारत के अलावा चीन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, इराक, वियतनाम और क्यूबा
- इन देशों ने किया प्रस्ताव का समर्थन : फ्रांस, स्पेन, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड्स, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, अमेरिका, इटली, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आयरलैंड, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, चेक गणराज्य, ऑस्ट्रिया, लिथुआनिया, एस्टोनिया और लातविया.
- ये रहे तटस्थ : ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, कतर, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, फिलीपींस, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, मलेशिया, UAE, तुर्की, नाइजीरिया, मिस्र और थाईलैंड.
यह भी पढ़ें- नाम में क्या रखा है? बहुत कुछ! 20 नामों की रेस और दो साल की बहस, ऐसे बना आपका Uttar Pradesh
