India-Pakistan Mediation Credit: चीन भी अमेरकी के बोल बोलने लगा है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा चीन ने इस साल भारत और पाकिस्तान तनाव खत्म कराने के लिए “मध्यस्थता” कराई थी.
31 December, 2025
India-Pakistan Mediation Credit: अमेरिका के बाद अब चीन पर शांतिदूत बनने का भूत चढ़ गया है. भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप कई बार मध्यस्थता कराने का दावा कर चुके हैं. अब चीन भी अमेरिका के ही बोल बोलने लगा है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा चीन ने इस साल भारत और पाकिस्तान तनाव खत्म कराने के लिए दोनों देशों के बीच “मध्यस्थता” कराई थी. हालांकि भारत लगातार यह भी कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई जगह नहीं है.
चीन का बयान
बीजिंग में इंटरनेशनल सिचुएशन और चीन के फॉरेन रिलेशंस पर सिंपोजियम में बोलते हुए वांग ने कहा, “इस साल, लोकल युद्ध और बॉर्डर पार के झगड़े WWII के खत्म होने के बाद से किसी भी समय से ज़्यादा बार भड़के. जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल फैलती रही. स्थायी शांति बनाने के लिए, हमने एक ऑब्जेक्टिव और सही रवैया अपनाया है और लक्षणों और असली कारणों दोनों को सुलझाने पर फोकस किया है.” उन्होंने कहा, “हॉटस्पॉट मुद्दों को सुलझाने के लिए चीन के इस तरीके को अपनाते हुए, हमने उत्तरी म्यांमार, ईरानी न्यूक्लियर मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इज़राइल के बीच के मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया झगड़े में बीच-बचाव किया.”
DGMOs के बीच हुई बात
नई दिल्ली यह कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई का संघर्ष दोनों देशों की सेनाओं के DGMOs (डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन्स) के बीच सीधी बातचीत से सुलझाया गया था. 13 मई की प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय ने कहा था, “सीज़फ़ायर और दूसरे देशों ने किस तरह की भूमिका निभाई, वगैरह के बारे में. देखिए, समझौते की खास तारीख, समय और शब्दों पर दोनों देशों के DGMOs के बीच 10 मई 2025 को दोपहर 15:35 बजे उनके फ़ोन कॉल पर काम हुआ था.”
भारत की एयरस्ट्राइक जताया था अफसोस
इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई को हुए युद्ध के दौरान, बीजिंग द्वारा इस्लामाबाद को दी गई मिलिट्री मदद की गंभीर जांच और आलोचना हुई. डिप्लोमैटिक मोर्चे पर, चीन ने 7 मई को भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने को कहा, साथ ही भारत के एयरस्ट्राइक पर अफसोस भी जताया. भारत द्वारा संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष के शामिल न होने की बात कहने के बाद भी अमेरिका और चीन में मध्यस्थता कराने की होड़ लगी है.
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