भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में स्पेन का भी साथ मिल गया है. अब भारत और मजबूती से आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करेगा.
India-Spain Relations: भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में स्पेन का भी साथ मिल गया है. अब भारत और मजबूती से आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को इस बात पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के मामले में भारत और स्पेन का एक साझा रुख है. कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से मिलकर लड़ने के लिए दोनों देशों को संसाधनों और क्षमताओं को साझा करना चाहिए. राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात के दौरान स्पेन के विदेश मामलों, यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध काफी पुराने हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति काफी अच्छे हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक होने के नाते भारत और स्पेन को संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना चाहिए ताकि विश्व भर में शांति, समृद्धि और स्थिरता के अपने साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके.
आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए खतरा
मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए भारत और स्पेन का एक साझा रुख है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आतंकवाद से लड़ने के लिए अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट करना चाहिए. राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डाला. उन्होंने व्यापार एवं निवेश के बढ़ते अवसरों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा एयरोस्पेस में स्पेन की ताकतें भारत की विकास प्राथमिकताओं की पूरक हैं. मुर्मू ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे.
मुक्त व्यापार समझौते पर बनेगी सहमति
ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ वित्तीय वर्ष 2023-24 में वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध लगातार बढ़ रहे हैं, और हम अपने 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे. दोनों पक्ष अगले दिन बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा मुर्मू ने कहा कि 2026 राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ है. भारत और स्पेन के बीच जो संबंध स्थापित हुए हैं, उसे भारत-स्पेन के संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संयुक्त वर्ष के रूप में मनाया जाएगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
