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झारखंड विधानसभा में गूंजा खाली पदों का मुद्दाः सरकारी नौकरियों पर सत्ता और विपक्ष में तकरार

by Sanjay Kumar Srivastava
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झारखंड विधानसभा में गूंजा खाली पदों का मुद्दाः सरकारी नौकरियों पर सत्ता और विपक्ष में तकरार

Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा में सोमवार को बड़ी संख्या में खाली पड़े सरकारी पदों का मामला उठा. पिछले 20-25 वर्षों से कई पद खाली हैं. सरकार अपने वित्तीय संसाधनों और जरूरतों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.

Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा में सोमवार को बड़ी संख्या में खाली पड़े सरकारी पदों का मामला उठा. गढ़वा से बीजेपी विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी को जवाब देते हुए झारखंड के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में 30,000 से अधिक पद भरे गए हैं. पिछले 20-25 वर्षों से कई पद खाली हैं. सरकार अपने वित्तीय संसाधनों और जरूरतों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से अधियाचना के आधार पर लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं. विधायक तिवारी ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के आंकड़ों का हवाला दिया और कहा कि लगभग 73,000 पद खाली हैं. भाजपा रांची विधायक सीपी सिंह ने सवाल किया कि क्या विभागों से मांग प्राप्त होने तक पद खाली रहेंगे या क्या वित्तीय संसाधनों की कमी होने पर भी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी.

बैंक ऑफ इंडिया में खाता होने पर मिलेंगे सभी लाभ

बरकट्ठा से भाजपा विधायक अमित कुमार यादव ने जानना चाहा कि क्या विभिन्न सरकारी विभागों में निजी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, परिचारक, चालक के रूप में सह-टर्मिनस अनुबंध के आधार पर नियुक्त लोगों को भी बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौते के आधार पर सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ मिलेंगे. संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि इन कर्मचारियों का बैंक ऑफ इंडिया में खाता है, तो उन्हें भी राज्य कर्मचारियों की तरह जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और अन्य वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएंगे. मंत्री ने कहा कि जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है. सह-टर्मिनस कर्मचारियों को बीमा, आवास ऋण, शिक्षा ऋण और अन्य लाभ मिलेंगे. लिटिपारा विधायक झामुमो हेमलाल मुर्मू ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया और पोस्ता की खेती के क्षेत्र में 2020-2021 में 2871 एकड़ से बढ़कर 2024-2025 में 27,215 एकड़ तक बढ़ने पर सवाल उठाया और जानना चाहा कि सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है जो ऐसे किसानों को बचा रहे हैं.

पोस्ता की खेती नष्ट करने के लिए विशेष अभियान

उत्पाद मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने जवाब दिया कि सरकार ने पूरे राज्य में पोस्ता की खेती को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाया है और राज्य में अफीम के कारोबार को रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक पोस्ते की खेती में किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता की भूमिका स्थापित नहीं हो पायी है. भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा रांची विधायक सीपी सिंह ने चतरा जिले के इटखोरी की एक महिला सर्कल अधिकारी, जिसकी पहचान सविता सिंह के रूप में की गई है, का मुद्दा उठाया, जो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में एक युवक की पिटाई करते हुए देखी गई. विधायक ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. बीच सड़क पर सार्वजनिक रूप से किसी को परेशान करना न तो उचित है और न ही प्रशासनिक मर्यादा के अनुरूप है. बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि सरकार संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित करे और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करे.

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News Source: PTI

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