Middle East War : अमेरिकी-ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर हमला करके ईरान ने एक बार फिर चौंका दिया है. ईरानी मिसाइलों से जिन सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया है वह करीब 4 हजार किलोमीटर दूर है.
Middle East War : मध्य पूर्व एशिया में चल रही ईरान और अमेरिका की जंग अब भारत के पड़ोस तक पहुंच गई है. ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना बनाकर हमला कर दिया. इससे अब साफ हो गया है कि यह जंग इतनी जल्दी शांत नहीं होने वाली है और हमले अब दूसरी जगहों पर पहुंचने के भी आशंका हो गई है. दूसरी तरफ हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका तेहरान के खिलाफ अपने जीत के काफी करीब पहुंच गया है. साथ ही ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डे का इस्तेमाल करने पर ईरान काफी नाराज है.
ब्रिटिश नहीं होना चाहते शामिल
इसी बीच ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अरागची ने कहा कि ब्रिटेन के लोगों की बहुत बड़ी संख्या इज़रायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ़ अपनी मर्ज़ी से छेड़ी गई इस जंग में किसी भी तरह से शामिल नहीं होना चाहती. लेकिन अपने ही लोगों की इच्छा को नजरअंदाज करते हुए, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को ईरान के खिलाफ़ हमले के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देकर ब्रिटिश लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं. साथ ही ऐसी स्थिति में ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा.
US ने भी किए SM-3 इंटरसेप्टर लॉन्च
अमेरिका के युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल पर SM-3 इंटरसेप्टर मिसाइल लॉन्च की. हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि यह सफल हुई है या नहीं. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि मिसाइल कब दागीं गईं. आपको बताते चलें कि SM-3 इंटरसेप्टर मिसाइल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना छोटी से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल करती है. यह 600 मील प्रति घंटे की रफ्तार करके अपने लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम है.
क्या 4 हजार कि.मी दूर किया हमला?
ईरान की तरफ से किया गया यह हमला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरान से करीब 4 हजार किलोमीटर दूर हैं और यहां पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया है. इससे पता चलता है कि ईरान जिन मिसाइलों की मारत क्षमता कुछ किलोमीटर बताता है उनकी क्षमताएं बहुत अधिक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, आराघची ने बताया था कि ईरान ने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता 2 हजार किलोमीटर दूर तक कर रखी है.
अमेरिकियों को वियतनाम युद्ध न भूलें
अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिकी यह नहीं भूले हैं कि कैसे, जब वियतनाम में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा रहे थे और युद्ध का नतीजा पहले से ही साफ़ था. तब भी जनरल विलियम वेस्टमोर्लैंड को हवाई जहाज़ से घर वापस बुलाया गया था, ताकि वे सबको यह भरोसा दिला सकें कि युद्ध ठीक चल रहा है और अमेरिका जीत रहा है. उन्होंने आगे कहा कि मीडिया भी इसे भूला नहीं है. मोर्चे से दी जाने वाली वे मनगढ़ंत जानकारियां ‘फाइव ओ’क्लॉक फॉलीज़’ के नाम से कुख्यात हो गई थीं. अब आज की बात करें, स्क्रिप्ट वही है, बस मंच बदल गया है. हेगसेथ सामने आते हैं, उनका संदेश आज भी हकीकत से कोसों दूर है.
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News Source: PTI
