Ratna Debnath Victory: RG कर अस्पताल गैंगरेप की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी सीट से जीत हासिल की है. यह जीत महिलाओं के लिए काफी अहम है.
5 May, 2026
पश्चिम बंगाल चुनाव ऐतिहासिक रहा. बीजेपी ने 206 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की. बीजेपी की आंधी में टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है. यहां तक कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अपनी सीट नहीं बचा पाईं. बंगाल चुनाव इसलिए भी खास था कि क्योंकि इस बार आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने भी बीजेपी की सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उनकी जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं बल्कि, एक मां के आंसुओं की जीत है, जिसने अपनी बेटी को खोया और दहलीज से विधानसभा तक का सफर तय किया.
पानीहाटी से जीतीं रत्ना देबनाथ
रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी सीट से चुनाव लड़ा और 28,836 वोटों के बड़े मार्जिन से जीत हासिल की. उन्होंने टीएमसी के तीर्थांकर घोष को हराया. रत्ना देबनाथ ने बीजेपी के सभी उम्मीदवारों में सबसे मजबूत हैं, क्योंकि उन्हें राजनीति को कोई अनुभव नहीं था. अपनी बेटी को खोने के बाद उनकी दुनिया खत्म सी हो गई थी. उन्होंने बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी और अपने दर्द को ही अपनी ताकत बना लिया. चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट देकर मैदान में उतारा और राज्य की महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया.
बेटी का केस फिर खोलेंगी रत्ना
2024 में RG कर हॉस्पिटल में ट्रेनिंग कर रही एक लड़की के साथ गैंगरेप हुआ और उसकी हत्या कर दी गई. यह मामला पूरे देश में आग की तरह फैल गया. जगह-जगह पर प्रदर्शन होने लगा. ममता सरकार पर दबाव बढ़ने लगा था. TMC के ऊपर न्याय में देरी और आरोपियों से कथित लिंक होने का आरोप लगा. BJP ने इस मुद्दे को उठाया और महिलाओं की सुरक्षा को अपने चुनावी एजेंडे में खास तौर पर शामिल किया. BJP ने रत्ना देबनाथ को पानीहाटी सीट से टिकट दिया. रत्ना देबनाथ लड़कियों की सुरक्षा पर काम करने के लिए राजनीति में कदम रखा.
पीएम ने की चुनावी रैली
हर चुनावी सभा में, देबनाथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाती रहीं और यह पक्का करने का अपना वादा दोहराया कि अब एक भी महिला पर अत्याचार न हो. चुने जाने के बाद, उन्होंने यह भी वादा किया था कि वह RG कर की जांच का दायरा बढ़ाने और बड़ी साजिश के पीछे के लोगों को सजा दिलाने में अपना योगदान देंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 24 अप्रैल को पानीहाटी में उनके लिए एक रैली की थी और ममता बनर्जी पर निशाना साधा था. इस तरह एक मां ने ममता दीदी से उनकी सत्ता छीन ली.
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News Source: PTI
