Home Top News TMC की हार के बाद ममता ने EC को बताया मेन विलेन, कहा- मैं राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी

TMC की हार के बाद ममता ने EC को बताया मेन विलेन, कहा- मैं राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी

by Sachin Kumar
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West Bengal : पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद टीएमसी सु्प्रीमो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि हमारा पहला मुद्दा यह है कि हम हारे नहीं हैं. हमसे लगभग 100 सीटें ज़बरदस्ती छीन ली गई हैं.

West Bengal : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का सूपड़ा साफ हो गया. साथ ही बीजेपी ने इस बार बंपर 206 सीटों के साथ चुनाव जीता है और राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी. इसी बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेस की है और उन्होंने इस दौरान इलेक्शन कमीशन को मेन विलेन बताया. उन्होंने कहा कि हमारा पहला मुद्दा यह है कि हम हारे नहीं हैं. हमसे लगभग 100 सीटें ज़बरदस्ती छीन ली गई हैं. मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन दिल्ली से मीडिया को गिनती के पहले ही दौर से एक रणनीति के तहत यहां लाया गया था. साथ ही मैंने आपको पहले ही बताया था, कृपया दो-तीन दिन पहले का मेरा वीडियो देखें.

कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर किया

ममता बनर्जी ने कहा कि शुरुआती दौर में गिनती इस तरह से की गई थी जिससे हमारे कार्यकर्ताओं का मनोबल कमज़ोर हो और BJP को फायदा मिले. हमारी लड़ाई सिर्फ BJP के ख़िलाफ नहीं थी. हमें उस चुनाव आयोग से भी लड़ना पड़ा, जिसे हम पक्षपाती मानते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि CEC इस चुनाव का विलेन बन गया, जिसने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों और EVM की विश्वसनीयता को कमज़ोर किया. क्या आप समझा सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80–95 प्रतिशत चार्जिंग कैसे दिखाई दी? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही, पुलिस ने लोगों को अंधाधुंध गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था. हर जगह छापे मारे गए. IC और OC से लेकर SGO, DM और IPS अधिकारियों तक… WBCS ​​और WBPS अधिकारियों समेत सभी अधिकारियों को बड़े पैमाने पर बदल दिया गया.

घटिया और शरारती खेल खेले गए : ममता

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि हमारी नज़र में, ये नियुक्तियां राजनीतिक रूप से प्रभावित थीं. असल में, BJP ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला. आप इसे BJP और चुनाव आयोग के बीच एक तरह की ‘सेटिंग’ कह सकते हैं. ममता बनर्जी बताया, हमने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल थे. इसमें सीधा दखल दिया गया. उन्होंने वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटा दिए. जब ​​हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम बहाल कर दिए गए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सात लाख और नाम, जो एक साथ जमा किए गए थे, उन्हें बाद में शामिल कर लिया गया और इस बारे में किसी को पता भी नहीं चला? इससे पता चलता है कि कितने गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले गए. उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपनी ज़िंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा. अपने छात्र जीवन से लेकर अब तक, मैंने कई चुनाव देखें हैं. यहाँ तक कि 2004 में भी, जब मैं अकेली थी लेकिन मैंने इस तरह के अत्याचार कभी नहीं देखें.

मैंने कोई पेंशन और वेतन नहीं लिया

इसके अलावा ममता बनर्जी ने बताया कि मेरा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है. अब मेरे पास कोई पद नहीं है, इसलिए मैं एक आम नागरिक हूँ. आप (BJP) यह नहीं कह सकते कि मैं किसी सरकारी पद का दुरुपयोग कर रही हूं, अब मैं एक आज़ाद पंछी हूं और मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है. इन 15 वर्षों के दौरान भी, मैंने पेंशन के तौर पर एक भी पैसा नहीं लिया है और न ही कोई वेतन लिया है.

सोनिया गांधी ने मुझे फोन किया

TMC प्रमुख ने कहा कि ये अत्याचार चिंताजनक हैं. मैं INDIA गठबंधन के सभी नेताओं की आभारी हूं. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मुझे फोन किया और उनके अलावा अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन ने भी फोन किया. साथ ही INDIA गठबंधन के सभी सहयोगियों ने हमारे प्रति अपना पक्का समर्थन ज़ाहिर किया है. मेरा मानना ​​है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता बनी रहेगी और मज़बूत होगी. अखिलेश ने मुझसे आज ही आने का आग्रह किया, लेकिन मैंने उन्हें सुझाव दिया कि वे इसके बजाय कल आएँ। इसलिए वे कल आएँगे, और बाकी लोग भी एक-एक करके आएंगे.

यह भी पढ़ें- बंगाल में इस दिन होगा शपथ ग्रहण, अमित शाह चुनेंगे नया मुख्यमंत्री, एक सीट पर दोबारा हो रही गिनती

News Source: PTI

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