Pax Silica: भारत पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है. इससे भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक्स को बहुत फायदा होगा. भारत शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका (Pax Silica) में शामिल हो गया.
Pax Silica: भारत पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है. इससे भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक्स को बहुत फायदा होगा. भारत शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका (Pax Silica) में शामिल हो गया. पैक्स सिलिका के सदस्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं. भारत का यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित, मजबूत और विश्वसनीय सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. चूंकि अभी तक दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति, शोधन व खनन में पूरी दुनिया चीन पर निर्भर है. ऐसे में पैक्स सिलिका अमेरिका की अगुवाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया एक नया अभियान है ताकि चीन के ऊपर निर्भरता ना रहे. पैक्स सिलिका (Pax Silica) अमेरिका के नेतृत्व वाला एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जो ट्रंप प्रशासन के दौरान दिसंबर 2025 में शुरू की गई. यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है.
भारत प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने में सक्षमः अमेरिका
एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में आयोजित एक समारोह में गठबंधन में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, अमेरिकी विदेश उप सचिव जैकब हेलबर्ग और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. गठबंधन में शामिल होने से दोनों पक्षों के बीच व्यापार और द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे. इस मौके पर अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक हमारे दोनों देशों के एक साथ काम करने की संभावनाएं वास्तव में असीमित हैं. अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि भारत प्रतिभा से संपन्न देश है, जो प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने में सक्षम है.
आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षाः हेलबर्ग
कहा कि भारत की इंजीनियरिंग क्षमता इस महत्वपूर्ण गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण क्षमताएं प्रदान करेंगी. इसके अलावा भारत ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण क्षमता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. अमेरिकी राजदूत गोर ने सुझाव दिया कि अमेरिका पैक्स सिलिका ढांचे के तहत भारत के साथ विश्वसनीय एआई प्रौद्योगिकियां साझा कर सकता है. अमेरिकी उप सचिव हेलबर्ग ने गठबंधन में शामिल होने के भारत के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा कि हम देखते हैं कि हमारे मित्र और सहयोगी रोजाना आर्थिक जबरदस्ती और ब्लैकमेल के खतरों का सामना कर रहे हैं. उन्हें अपनी संप्रभुता और अपनी समृद्धि के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इसलिए आज, जब हम पैक्स सिलिका घोषणा पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, तो हम हथियारबंद निर्भरता को ना कहते हैं, हम ब्लैकमेल को ना कहते हैं और साथ मिलकर हम कहते हैं कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
