Home Latest News & Updates उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसलाः ATM से नहीं निकले 10,000, बैंक को देना पड़ा 48,000 का मुआवजा

उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसलाः ATM से नहीं निकले 10,000, बैंक को देना पड़ा 48,000 का मुआवजा

by Sanjay Kumar Srivastava 23 May 2026, 6:46 PM IST (Updated 23 May 2026, 6:47 PM IST)
23 May 2026, 6:46 PM IST (Updated 23 May 2026, 6:47 PM IST)
उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसलाः ATM से नहीं निकले 10,000, बैंक को देना पड़ा 48,000 का मुआवजा

Consumer Forum: एटीएम से पैसे न निकलने पर भी खाते से रकम कटने के मामले में दिल्ली की जिला उपभोक्ता अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए पीड़ित महिला को 10,000 की कटी हुई राशि तुरंत लौटाने का आदेश दिया है. इसके साथ ही बैंक पर अतिरिक्त मुआवजा और मुकदमेबाजी का खर्च देने का भी निर्देश दिया गया है. आयोग की अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य रश्मी बंसल की पीठ ने 22 मई के अपने आदेश में कहा कि बैंकों की जवाबदेही तय करने के लिए यह मुआवजा जरूरी है.

फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए बैंक

उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी की रहने वाली शिकायतकर्ता चंदा ने 26 मई, 2022 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 10,000 रुपये निकालने का प्रयास किया था. लेकिन एटीएम से पैसा नहीं निकला. इस दौरान बैंक ऑफ इंडिया में उनके खाते से 10,000 रुपए कट गए. शिकायतकर्ता ने बैंक से संपर्क किया और 7 जून, 2022 को शिकायत दर्ज कराई और राशि वापस करने की मांग की. हालांकि, बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पैसा पीड़िता के खाते में वापस जमा नहीं किया गया. आयोग ने कहा कि दोनों बैंक नोटिस देने के बावजूद फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए, जिससे उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई.

प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये का लगा दंड

आयोग ने पाया कि बैंकों को ऐसे विफल लेनदेन को पांच दिनों के भीतर लौटाना होता है. ऐसा न करने पर ग्राहक को देरी के लिए प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा देना होगा. आयोग ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां ग्राहक के खाते से डेबिट किया जाता है लेकिन एटीएम से नकदी नहीं निकलती है, समाधान और मुआवजे की जिम्मेदारी कार्ड जारी करने वाले बैंक पर होती है. भले ही लेनदेन का प्रयास किसी अन्य बैंक के एटीएम से किया गया हो. पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत आरबीआई मानदंडों के तहत निर्धारित अवधि के भीतर दर्ज की गई थी और इसका खंडन नहीं किया गया क्योंकि बैंक यह दिखाने वाला कोई सबूत पेश नहीं कर सका कि नकदी वास्तव में वितरित की गई थी या बाद में राशि वापस कर दी गई थी.

30 दिनों के भीतर करें भुगतान

आयोग ने कहा कि ग्राहक विश्वास के साथ बैंक में जाता है कि उसका पैसा सुरक्षित रहेगा और किसी भी असफल एटीएम लेनदेन को तुरंत ठीक कर दिया जाएगा. आयोग ने बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 10,000 रुपये लौटाए, देरी से वापसी के लिए 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे के रूप में 20,400 रुपये, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 10,000 रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 8,000 रुपये का भुगतान करे. आदेश दिया कि राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाए अन्यथा भुगतान होने तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज लगेगा.

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News Source: PTI

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