Russo-Ukrainian War : अबूधाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका एक मंच पर आए हैं. इसके साथ ही यह उम्मीद बन गई है कि युद्ध को समाप्त करने के किसी न किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है.
Russo-Ukrainian War : रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष से चार साल पूरे होने वाले हैं और अभी तक दोनों देशों किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. लेकिन इसी बीच खबर सामने आई है कि यूक्रेन ने शुक्रवार से शांति वार्ता को लेकर बैठक की है. अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका एक मंच पर आए हैं और इस तरह दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने की एक बार फिर से उम्मीद जग गई है. इसी बीच यूक्रेन ने रात भर हुए रूसी हमलों की नई लहर की कड़ी निंदा की है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन के क्रूर और धूर्ततापूर्ण आदेश वाले इस हमले ने न सिर्फ हमारे लोगों को, बल्कि बातचीत की मेज को भी नुकसान पहुंचाया है.
पुतिन की जगह शांति बोर्ड में नहीं
यूक्रेन और रूस के बीच अबूधाबी में बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक इलाके को लेकर मुद्दा अनसुलझा है. यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर ने कहा कि एक व्यक्ति की मौत हो गई और 4 घायल हो गए हैं. दूसरी तरफ खारकीव के मेयर ने बताया की शनिवार की सुबह रूसी हमलों में 19 लोग घायल हुए हैं. साथ ही अबूधाबी में चल रही बातचीत पर सिबिहा ने कहा कि रात भर हुए हमलों ने साबित कर दिया कि पुतिन की जगह शांति बोर्ड में नहीं है, बल्कि स्पेशल ट्रिब्यूनल के कटघरे में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि पुतिन ने उनके बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता स्वीकार कर लिया है. उन्होंने आगे कहा कि यह एक ऐसा संगठन है जहां पर हर मुद्दों का समाधान होगा. हालांकि, अभी तक राष्ट्रपति पुतिन ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
रूस का मकसद पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करना
कीव के मयर विटारी क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर कहा कि घायल हुए चार लोगों में से तीन को अस्पताल में भर्ता करा दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि राजधानी के जरूरी ढांचे को भी काफी नुकसान पहुंचा है और यहां पर करीब 6 इमारतों में हीटिंग बंद हो गई है. वहीं, मौसम विभाग ने बताया कि यूक्रेन के कुछ हिस्सों में तापमान गिरकर माइनस 12 डिग्री पर पहुंच गया है. वहीं, हमलों को लेकर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सैनिकों का मुख्य कार्य हमारे देश का एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने का है और बीते हफ्ते ही रूस ने कीव के पावर ढांचे पर हमला किया था. यही वजह थी कि जेलेंस्की को दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यात्रा को रद्द करना पड़ा था.
आपको बताते चलें कि रूस ने यूक्रेन के करीब 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिसमें पूर्व डोनबास क्षेत्र भी शामिल है. इसके अलावा क्रेमलिन चाहता है कि यूक्रेन को इस इलाके का बड़ा हिस्सा यूक्रेन को सौंप देना चाहिए. हालांकि, जेलेंस्की ने साफ मना कर दिया है. दूसरी तरफ दावोस में इकोनॉमिक फॉर्म में जेलेंस्की ने कहा कि यह मुद्दा जमीन के बारे में है और यह अभी हल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि एक डील होने की स्थिति में यूक्रेन के लिए भविष्य में अमेरिकी सुरक्षा गारंटी ट्रंप के साथ एक समझौता किया है. फिलहाल उन्होंने कोई डिटेल नहीं दी, लेकिन कहा कि इसे साइन करने से पहले अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेन संसद के सामने पेश करना होगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
