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बांग्लादेश में हो रही हिंसक आंदोलन पर ब्रिटेन की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- बंद होने चाहिए हिंदुओं पर अत्याचार

by Sachin Kumar
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Bangladesh Violence : बांग्लादेश में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी उठा. कंजर्वेटिव पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश हिंसा पर दखल देना चाहिए.

Bangladesh Violence : ब्रिटेन ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति घृणा और हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की. साथ ही देश में निष्पक्ष चुनाव करवाने की भी अपील की. साल 2024 से ही हिंसक घटनाओं शुरू होने के बाद पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है. अब इस मुद्दे को ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी उठाया गया है. विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने गुरुवार को एक संसदीय बयान में लेबर सरकार ने अल्पसंख्यक की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि फरवरी में होने वाले चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए.

ब्रिटेन में हिंसा का उठा मुद्दा

ब्रिटिश हिंदुओं की ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने कहा कि UK के सांसदों से कहा कि वह भयानक स्थिति से स्तब्ध हूं. बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की जा रही हैं और उनके मंदिरों को जलाया जा रहा है. ब्लैकमैन ने कहा कि हिंदू पुरुषों की सड़कों पर हत्याएं की जा रही हैं, उनके घरों को जलाया जा रहा है. साथ ही अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक भी इसी तरह की किस्मत का सामना कर रहे हैं. ब्रिटिश पार्लियामेंट में बांग्लादेश हिंसा, अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार, अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने पर बैन और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा जमकर उठा. उन्होंने आगे कहा कि इस्लामिक चरमपंथियों ने एक जनमत संग्रह बुलाया है जो बांग्लादेश के संविधान को हमेशा के लिए बदल देगा.

हम हिंसा के सभी कृत्यों की निंदा करता हैं

हाउस ऑफ कॉमन्स में ब्लैकमैन ने विदेश सचिव यवेट कूपर को इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा. साथ ही संसद को बांग्लादेश में समावेशी चुनावों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए यूके द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया जा सके. सरकार की तरफ से एवन कैंपबेल ने कहा कि जहां तक बांग्लादेश का सवाल है, उनकी सुरक्षा के लिए हमारी लंबे समय से प्रतिबद्धता है और हम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर जोर देते रहते हैं. उन्होंने कहा कि हम हिंसा के सभी कृत्यों की निंदा करते हैं, चाहे वे धार्मिक हो या जातीय आधार पर, हम अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस की अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं.

धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए

शैडो विदेश सचिव प्रीति पटेल के यवेट कूपर को बांग्लादेश की बहुत चिंताजनक स्थिति के बारे में लिखने और हिंसा में बढ़ोतरी के बाद यूके के दखल की मांग करने के एक हफ्ते बाद आया है. भारतीय मूल के टोरी सांसद ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए और हिंदुओं की हत्याएं को रोका जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें- दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा, इस मामले को लेकर माना दोषी

News Source: Press Trust of India (PTI)

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