Khamenei Mourning Ceremony : कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल ईरानी दूतावास पर पहुंचा और उसने अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया. इस दौरान कांग्रेस ने कहा कि उनकी कुर्बानी ने कर्बला की विरासत को जिंदा रखा है.
Khamenei Mourning Ceremony : कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नई दिल्ली में स्थित ईरान कल्चर हाउस पहुंचा. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा ने ईरान के सर्वोच्च प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने अली खामेनेई के निधन पर दुख व्यक्त किया. साथ ही मुलाकात करने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसी संकट की घड़ी में वह ईरान के साथ खड़े हैं.
पार्टी इस दुख की घड़ी में साथ खड़ी : कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि हमारी लीडरशिप ने हिदायत दी कि आप जाएं और कांग्रेस पार्टी के प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तरफ से पैगाम पहुंचाएं कि इस संकट की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं और पूरी तरह से मान रहे हैं कि जब दोस्तों पर बुरा वक्त आता है तो दूसरा दोस्त ही हाथ थामकर आगे बढ़ता है. यही वजह है कि हम उस हाथ को थामने के लिए आएं हैं. उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ा सवाल है कि पूरी दुनिया के आज जो हालात हैं उस पर एक सवालिया निशानियां लगा हैं. हमें उम्मीद है कि हमारे मुल्क की जितनी भी ताकत है उसका इस्तेमाल करके अमन और चैन का पैगाम पूरी दुनिया को पहुंचा सकें.
VIDEO | Delhi: Congress leaders Salman Khurshid and Pawan Khera after visiting the Embassy of Iran in Delhi to offer condolences on the death of Iran’s Supreme Leader Ali Khamenei say that they stand with Iran during such a crisis.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 6, 2026
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कुर्बानी ने कर्बला की विरासत को जिंदा किया
सलमान खुर्शीद ने कहा सुप्रीम लीडर की जो कुर्बानी हुई है वह किसी भी तरह से बेकार न जाएं और इस कुर्बानी का आने पीढ़ी पर गहरा असर पड़ें. ताकि हम शांति और विकास की तरफ तेजी से आगे बढ़ें. इसके बाद पवन खेड़ा ने कहा कि मैंने और सलमान खुर्शीद साहब ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से ईरान के लिए संदेश लिखा है. उन्होंने आगे कहा कि इस कुर्बानी की वजह से कर्बला की विरासत अभी जिंदा है. इस कुर्बानी को बर्बाद नहीं होने देना चाहिए और इस कुर्बानी से हम सबको सीखना चाहिए. बीच रमजान और दसवें रोजे पर एक भूखे प्यासे रहनुमा की इस तरह हत्या हुई है. इस बात को आने वाली पीढ़ी याद रखेगी.
भारत ने भी किया शोक व्यक्त
अली खामेनेई के निधन पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी गुरुवार को ईरानी दूतावास पहुंचे और भारत सरकार की तरफ से शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत सरकार का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसके अलावा भारत ने उस पुराने को दोहराने का काम किया है जिसमें किसी भी समस्या का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए.
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News Source: PTI
