Home Top News 20 से ज्यादा युद्धपोत और सैंकड़ों एयरक्राफ्ट, US ने ईरान के तटों और बंदरगाहों पर लगाई नाकाबंदी

20 से ज्यादा युद्धपोत और सैंकड़ों एयरक्राफ्ट, US ने ईरान के तटों और बंदरगाहों पर लगाई नाकाबंदी

by Neha Singh 15 July 2026, 7:58 AM IST
15 July 2026, 7:58 AM IST
US Resumed Blockade

US Resumed Blockade: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म होने के बाद एक बार फिर भीषण हमलों का दौर शुरू हो गया है. ईरान ने ओमान के पानी में UAE के दो बड़े तेल टैंकरों, मोम्बासा और अल बहियाह पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया. इस हमले में एक भारतीय नाविक मारा गया और कई अन्य घायल हो गए. इस हमले के बाद अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज के रास्ते पर नाकाबंदी लगा दी है. इसके तुरंत बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनााया.

अमेरिका ने भेजे युद्धपोत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, U.S. सेना ने आज शाम 4 बजे पर ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ नेवल नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी. अभी मिडिल ईस्ट में 20 से ज्यादा अमेरिकी नौसेना के जंगी जहाज और सैकड़ों मिलिट्री एयरक्राफ्ट काम कर रहे हैं. अमेरिकी सेना चौकन्नी खतरनाक और तैयार है. अमेरिका ने एक दिन पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी. बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका और ईरान के बीच झगड़े का केंद्र बना हुआ है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नेविगेशन की आजादी को खतरे में डालने का आरोप लगाते आ रहे हैं.

‘पावर प्लांट्स पर होगा हमला’

नाकाबंदी लगाए जाने से ठीक एक घंटे पहले, US एयर फोर्स ने लगातार चौथे दिन ईरानी मिलिट्री बेस पर भारी बमबारी की, ताकि कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उसकी काबिलियत को कम किया जा सके. दक्षिणी शहर अहवाज और केशम द्वीप पर धमाके हुए. नाकाबंदी लागू करते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते की मेज पर नहीं आया तो, अगले हफ्ते अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाएगी. अमेरिका और ईरान में युद्धविराम लागू होने से पहले भी ट्रंप पावर प्लांट्स पर हमले करने की धमकियां दे चुके हैं, जिनका ईरान पर कोई असर नहीं हुआ था.

बहरीन और कुवैत में बजे सायरन

नाकाबंदी लागू होते ही 15 जुलाई की सुबह ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं. हालांकि यह हमले नाकामयाब रहे, क्योंकि वहां के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें रोक दिया. बहरीन ने अपना मिसाइल अलर्ट सायरन बजाया, जबकि कुवैत की मिलिट्री ने कहा कि उसके एयर डिफेंस आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने के लिए फायरिंग कर रहे हैं. दोनों देशों में US मिलिट्री फोर्स हैं और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने उन्हें बार-बार निशाना बनाया है.

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News Source: PTI

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