Free Education: ओडिशा के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब बिल्कुल आसान और वित्तीय बाधाओं से मुक्त होने जा रही है. राज्य सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ‘ज्ञानोदय – शिक्षा रु समृद्धि’ योजना लागू कर दी है. इसके तहत योग्य छात्रों को यूजी (UG) और पीजी (PG) स्तर पर बिल्कुल मुफ्त शिक्षा मिलेगी.यह शानदार अवसर राज्य की पब्लिक यूनिवर्सिटी, सरकारी कॉलेजों और सहायता प्राप्त प्राइवेट कॉलेजों के नियमित छात्रों के लिए है. इस योजना का लाभ उठाने और अपनी पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए छात्रों को कक्षाओं में कम से कम 75% अटेंडेंस बनाए रखनी होगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में 65% तक शिथिल किया जा सकता है.
बायोमेट्रिक सिस्टम से जांची जाएगी हाजिरी
हाजिरी की प्रामाणिकता डिजिटल या बायोमेट्रिक सिस्टम से जांची जाएगी. सभी छात्र इस अद्भुत अवसर का लाभ उठाएं, नियमित कॉलेज जाएं, अपनी उपस्थिति मजबूत रखें और बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने सुनहरे भविष्य का निर्माण करें. हालांकि, उन्होंने साफ़ किया कि यह स्कीम सेल्फ-फाइनेंसिंग कोर्स, डिस्टेंस एजुकेशन, कॉरेस्पोंडेंस कोर्स, ओपन एजुकेशन, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत चलाए जाने वाले प्रोग्राम, और प्रोफेशनल, टेक्निकल व टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (जैसे BEd, MEd, BHEd, ITEP, LLB, LLM, BBA, BCA, MBA, MCA और इसी तरह के अन्य कोर्स) पर लागू नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह नियम राज्य में चल रहे प्राइवेट हायर एजुकेशन संस्थानों पर भी लागू नहीं होगा.
सारा खर्च उठाएगी सरकार
उन्होंने बताया कि इस स्कीम का फ़ायदा उठाने के लिए स्टूडेंट्स को ‘स्टूडेंट एकेडमिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (SAMS) के ज़रिए किसी योग्य रेगुलर UG या PG प्रोग्राम में एडमिशन लेना होगा. उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत एडमिशन के समय संस्थानों द्वारा ली जाने वाली एडमिशन फ़ीस, री-एडमिशन फ़ीस, डेवलपमेंट फ़ीस और बाकी सभी फ़ीस का खर्च सरकार उठाएगी. सूरज ने साफ़ किया कि सभी योग्य स्टूडेंट्स को एडमिशन से जुड़े ऐसे सभी खर्चों से छूट मिलेगी. हायर एजुकेशन संस्थान इस स्कीम के दायरे में आने वाले स्टूडेंट्स से ऐसी कोई फ़ीस नहीं लेंगे. स्टूडेंट्स को सिर्फ़ तय परीक्षा फ़ीस देनी होगी. उन्होंने आगे कहा कि सरकार मंज़ूर की गई आर्थिक मदद किश्तों में जारी करके योग्य संस्थानों को पैसे वापस करेगी.
बनेगी फीस रेगुलेशन कमेटी
उन्होंने कहा कि राज्य के पब्लिक यूनिवर्सिटी, सरकारी कॉलेज और सरकार से मदद पाने वाले प्राइवेट कॉलेज ‘ज्ञानोदय स्कीम’ के तहत आने वाले कोर्स के लिए फ़ीस स्ट्रक्चर में कोई बदलाव या संशोधन नहीं कर सकते. उन्होंने यह भी कहा कि एकेडमिक सेशन 2026–27 के लिए SAMS पोर्टल पर अपलोड किया गया फ़ीस स्ट्रक्चर ही लागू रहेगा. फीस रेगुलेशन से जुड़े मामलों की देखरेख के लिए राज्य-स्तरीय फीस रेगुलेशन कमेटी बनाई जाएगी. खास मामलों में, संस्थान फीस में बदलाव के लिए कमेटी के सामने प्रस्ताव रख सकते हैं.
छात्र रोज स्कूल जाने के लिए होंगे प्रोत्साहित
हालांकि, मंत्री ने बताया कि किसी भी संस्थान की सिंडिकेट या गवर्निंग बॉडी के पास अब मंज़ूर किए गए फीस स्ट्रक्चर में अपने-आप बदलाव करने का अधिकार नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों ने पहले ही फीस जमा कर दी है, उन्हें समय आने पर रिफंड मिल जाएगा. सूरज ने आगे कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और ज्ञानोदय योजना को सही ढंग से लागू करना ‘विकसित ओडिशा-2036’ के विज़न को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा, इस योजना से ड्रॉपआउट रेट कम होने और पूरे राज्य में हायर एजुकेशन तक पहुंच में काफ़ी सुधार होने की उम्मीद है.
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News Source: PTI
