Baba Bageshwar : छतरपुर में एक बार फिर बाबा बागेश्वर यानी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग की दबंगई और गुंडई सामने आई है. ग्राम कोड़ा में एक जमीन विवाद को लेकर शालिग्राम गर्ग ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक किसान पर जानलेवा हमला कर दिया. आरोप है कि शालिग्राम ने कई राउंड हवाई फायरिंग की और किसान पर गोलियां चलाईं, जिसमें किसान मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस खूनी खेल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शालिग्राम गर्ग और उनकी कार दिखाई दे रही है.
कानून-व्यवस्था की उड़ी धज्जियां
बता दें छतरपुर जिले का राजनगर थाना क्षेत्र आज मंगलवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा. मौका था ग्राम कोड़ा का, जहां जमीन हड़पने और डराने-धमकाने का एक ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिसने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दीं. आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर लगा है. पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा का सीधा आरोप है कि शालिग्राम गर्ग और उसके गुंडों ने उस पर जानलेवा हमला किया, कई राउंड गोलियां चलाईं और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा था.
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जमीन बेचने का बना रहे थे दबाव
किसान मोतीलाल कुशवाह का कहना है कि ये लोग हमसे जबरदस्ती जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं. ब्रजकिशोर का परिवार अपनी जमीन बाबा बागेश्वर को नहीं बेचना चाहता. इसी बात को लेकर आज शालिग्राम गर्ग अपने गुंडों के साथ आया, कई राउंड गोलियां चलाईं और हमें लाठी-डंडों से मारा. हम यही कहना चाहते हैं कि अब गरीब किसान जाएं तो जाएं कहां पर जाएं.
वीडियो में देखी जा रही है शालिग्राम गर्ग
वारदात के बाद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग और उनकी गाड़ी साफ देखी जा सकती है. स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार का कहना है कि जो भी किसान अपनी जमीन देने से मना करता है, उसे इसी तरह डराया-धमकाया और पीटा जाता है. घटना के तुरंत बाद शालिग्राम और उसके साथी मौके से फरार हो गए. आनन फानन में घायल मोतीलाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है्र जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.
इस घटना के बाद छतरपुर में तनाव का माहौल है. सवाल यह उठता है कि आखिर आस्था के केंद्र कहे जाने वाले धाम के करीबियों को कानून हाथ में लेने की आजादी किसने दी. क्या पुलिस प्रशासन इस बार रसूखदारों के आगे झुकेगा या पीडि़त गरीब किसान को इंसाफ मिलेगा.
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