SIR Row: सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी है. जस्टिस मोहन के अस्वस्थ होने और पूरे दिन अदालत में नहीं बैठने के कारण यह फैसला लिया गया. शनिवार को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने तथा उन पर कथित हमलों से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर भी अब गुरुवार को सुनवाई होगी. वहीं, दिल्ली में ‘वोट चोरी’ और SIR के खिलाफ मार्च निकालने के बाद विपक्ष ने अपनी आगे की रणनीति तेज कर दी है. इसी कड़ी में INDIA ब्लॉक ने मंगलवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, आपने पिछले चार दिनों में INDIA गठबंधन की पहलों की जबरदस्त सफलता देखी है.
दिल्ली की सड़कों पर पहली बार युवा उतरें
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने जनता के मुद्दों को गंभीरता और लगन से उठाया है. इतनी बड़ी संख्या में लोग शायद ही कभी इकट्ठा हुए हों. दिल्ली में यह पहली बार है जब युवा और नागरिक पूरी तरह से अपनी पहल पर एक साथ आए हैं. आपने यह देखा है, इसलिए मैं और विस्तार से नहीं बताना चाहता. अब हर कोई PM मोदी की वोट चुराने की योजना का पर्दाफाश करने के लिए तैयार है.
यह लोग डरे हुए हैं : तेजस्वी यादव
इसी पीसी में RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने किस तरह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की है. यह साफ तौर पर BJP, अमित शाह और पीएम मोदी की साजिश है. हम लोकतंत्र को बचाने के अपने संकल्प में एकजुट हैं और इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़ी. यह गांधी, लोहिया, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर की धरती है. फिर भी कुछ लोग लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं ED, CBI और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. यही वजह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मामले में 10 कदम आगे बढ़ गए हैं. ज्ञानेश कुमार ने जिस तरह एक कठपुतली की तरह काम किया है, उन्हें निश्चित रूप से सजा मिलेगी. ये लोग बच नहीं पाएंगे. वे डरे हुए हैं और यह डर इस बात से साफ झलकता है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन की जगह बदल दी. इसे जंतर-मंतर से हटाकर दिल्ली की सीमाओं पर ले गए. यह कदम उनके डर को जाहिर करता है. हम यह लड़ाई जारी रखेंगे. हम एकजुट होकर लड़ेंगे और जीतेंगे. जिन लोगों (पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह और CEC ज्ञानेश कुमार) ने यह साजिश रची है. जिन्होंने वोटों की चोरी और चुनावों में धांधली को अंजाम दिया. वे देश की जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं. अब हर नागरिक उनसे हिसाब मांग रहा है. उन्हें अपने कामों का जवाब देना होगा. उनके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी और हम अपने लोकतंत्र और संविधान को बचाने में जरूर सफल होंगे.

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हमारा आंदोलन जमीनी स्तर तक जारी रहेगा
दूसरी ओर, NCP-SCP की सांसद सुप्रिया सुले कहती हैं कि हम INDIA गठबंधन के हिस्से के तौर पर पूरी ताकत के साथ एकजुट हैं. हमारा संघर्ष जारी रहेगा क्योंकि इस देश में संविधान को कमजोर किया गया है और वह अभी खतरे में है. भारत रत्न डॉ बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान में सभी भारतीयों को जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा के लिए हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. एक सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति इन अधिकारों को कुचलने की कोशिश करके बहुत बड़ी गलती कर रहा है. हम इस अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी ताकत से एकजुट हैं. हमारा आंदोलन दिल्ली से लेकर जमीनी स्तर तक जारी रहेगा.

अभिव्यक्ति का एक तरीका जंतर मंतर था
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी कहते हैं कि लोकतंत्र की अभिव्यक्ति का एक तरीका जंतर मंतर था और अब सरकार ने फैसला किया है कि जंतर मंतर का इस्तेमाल अब लोकतांत्रिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए नहीं किया जा सकता है. हम उस विचार को चुनौती देने जा रहे हैं. सरकार के लिए यह तय करना इतना आसान नहीं होगा कि भारतीय लोग अपनी आवाज के लिए नहीं लड़ेंगे. जिन लोगों ने ऐसा किया है उनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य वास्तुकार हैं. अमित शाह, कार्यान्वयनकर्ता हैं और ज्ञानेश कुमार इसकी आवश्यकता है. यह समझना कि उनके चारों ओर जाल बंद हो रहा है, यह इतना आसान नहीं होगा कि आप भारतीय संविधान को नष्ट कर सकें और इससे बच सकें. उन्होंने आगे कहा कि हम सभी यहां एक साथ खड़े हैं. जैसा कि मैंने कल कहा था, कोई समानांतर विरोध नहीं है. एक ही विरोध है और विरोध का एक ही मिशन है. भारत में लोकतंत्र की बहाली. इस देश में लोकतंत्र नष्ट हो गया है. चुनाव प्रणाली नष्ट हो गई है. संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है. हम इस देश में लोकतांत्रिक शासन, वास्तविक लोकतांत्रिक शासन को बहाल करने के लिए एक साथ लड़ रहे हैं.

भारत के लोगों की आवाज थी
राहुल भी कहते हैं, हम आपसे वादा करते हैं कि जिन लोगों ने यह किया है. उन्हें सजा दिलाई जाएगी. कल आपने जो देखा. वह सिर्फ यहां खड़ी राजनीतिक पार्टी की आवाज नहीं थी, बल्कि भारत के लोगों की आवाज थी. हम दिल्ली और पूरे भारत के उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जो हमारे साथ खड़े रहे और उस चीज़ का विरोध किया जो हो रहा है. यह हमारे बारे में नहीं है. यह भारत के लोगों के बारे में है. यह भारत के लोगों के भविष्य के बारे में है. हम सब आपसे प्यार करते हैं और आपका सम्मान करते हैं. इस देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के लिए आखिर तक लड़ेंगे.
स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया को कमजोर कर रहा
TMC सांसद सागरिका ने कहा कि हर दिन यह बात और साफ होती जा रही है कि ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाला चुनाव आयोग भारत में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया को कमजोर कर रहा है. जब तक ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला चुनाव आयोग काम करता रहेगा, भारत में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं हो पाएंगे. हम INDIA गठबंधन के सभी नेताओं और पार्टियों के साथ पूरी तरह एकजुट हैं. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता और न सिर्फ उनके खिलाफ, बल्कि हरियाणा, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार में चुनाव की देखरेख करने वाले चुनाव आयोग के सभी अधिकारियों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जाती, क्योंकि इन चुनावों में वोट चोरी हुई है.
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में अभी जो सरकार सत्ता में है, वह अवैध है. वह वोट चोरी करके सत्ता में आई है. हमारी कुछ मांगें हैं, जिसमें मुख्य रूप से SIR प्रक्रिया को रोक दिया जाए और पुरानी वोटर लिस्ट को ही बहाल किया जाए. ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए और उनके ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए. वोट चोरी में शामिल सभी अधिकारियों की जांच हो और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए. हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक इस चुनाव आयोग को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता.

गठबंधन ने अभियान जारी रखने का फैसला किया
CPI नेता डी राजा का कहते हैं कि INDIA ब्लॉक की पार्टियों के नेताओं ने इस अभियान को जारी रखने का फैसला किया है. नेताओं का मानना है कि कल दिल्ली में हुआ विरोध प्रदर्शन बहुत सफल रहा. लोग संघर्ष के लिए आगे आ रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वे मोदी सरकार की विनाशकारी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं. इसलिए, INDIA ब्लॉक की पार्टियों को इन चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए और अभियान जारी रखना चाहिए. अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति, समय और विरोध के तरीकों पर नेता रोजाना बातचीत करके फैसला करेंगे.
पुलिस सड़कें बंद कर रही
इसके अलावा, दिल्ली हाई कोर्ट में विरोध प्रदर्शनों के लिए SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सीनियर वकील सचिन पुरी ने कहा कि दो याचिकाएं हैं. एक कुछ वकीलों की ओर से है और दूसरी व्यापारियों की ओर से. मुद्दा यह है कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण पुलिस सड़कें बंद कर रही है. हम 2022 की SOP को लागू करने की मांग कर रहे हैं. कृपया सुनिश्चित करें कि ट्रैफिक चलता रहे. वकीलों को परेशानी न हो. वे कोर्ट तक पहुंच सकें और अपना काम कर सकें. व्यापारियों का नुकसान न हो. उन्होंने आगे कहा कि अनुमान है कि पिछले कुछ विरोध प्रदर्शनों में व्यापारियों को लगभग 2,000 करोड़ का नुकसान हुआ है. हम बस इतना कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और SOP को लागू किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी कार्रवाई की जाए, उससे वकीलों और व्यापारियों के जीवन में कोई बाधा न आए.
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