Delivery Boys Strike: आज Zomato, Swiggy, Blinkit और Zepto पर आप कोई ऑर्डर नहीं कर सकेंगे. आज सभी इंस्टैंट डिलीवरी करने वाली कंपनियों के डिलीवरी बॉयज हड़ताल पर हैं.
31 December, 2025
Delivery Boys Strike: आज साल के आखिरी दिन पूरा देश जश्न में डूबा रहेगा. शाम होते ही हर जगह पार्टी और धूमधाम शुरू हो जाएगा. अगर आप भी आज शाम पार्टी का प्लान बना रहे हैं और ऑनलाइन खाना या कुछ सामान ऑर्डर करने के बारे में सोच रहे हों, तो आपके लिए एक बुरी खबर है. आज Zomato, Swiggy, Blinkit और Zepto पर आप कोई ऑर्डर नहीं कर सकेंगे. आज सभी इंस्टैंट डिलीवरी करने वाली कंपनियों के डिलीवरी बॉयज हड़ताल पर हैं. इसलिए आज आपको कोई भी ऑर्डर नहीं मिल पाएगा.
कंपनियो को लगेगा झटका
ज्यादातर लोग जोमैटो और ब्लिंकिट जैसे ऐप्स पर निर्भर रहते हैं. खाने से लेकर डेकोरेशन आईटम या कोई भी एमरजेंसी का सामान, सब कुछ 10-15 मिनट में हमारे दरवाजे तक पहुंच जाता है. न्यू ईयर पार्टी में भी कई लोग खाना ऑनलाइन ही ऑर्डर करते हैं. ऐसे में डिलीवरी बॉयज की स्ट्राइक से उन्हें बड़ी परेशानी होने वाली है. ऑफिस और घरों पर लोगों को उनका फेवरेट फूड नहीं मिल पाएगा. इसी के साथ कंपनियों, ग्रॉसरी शॉप और रेस्टोरेंट्स को भी भारी नुकसान होने वाला है, क्योंकि नए साल की पार्टी में आज ही सबसे ज्यादा ऑर्डर किए जाते हैं.

1.5 डिलीवरी बॉयज कर रहे हड़ताल
यह हड़ताल तेलंगाना में तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और कर्नाटक में इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (IFAT) ने बुलाई है और इसे दिल्ली स्थित गिग वर्कर्स एसोसिएशन (GiGWA) ने भी समर्थन दिया है. यह हड़ताल सैलरी में पारदर्शिता की कमी, वर्कर ID को मनमाने ढंग से ब्लॉक करने और ’10-मिनट डिलीवरी मॉडल’ के विरोध में की जा रही है. इस हड़ताल में लगभग 1.5 लाख डिलीवरी बॉयज के शामिल होने की उम्मीद है.
क्यों हड़ताल कर रहे डिलीवरी बॉयज
डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि कंपनियों के 10 मिनट में डिलीवरी के चक्कर में उनकी जान पर जोखिम बना रहता है. एक डिलीवरी मैन ने बताया कि अगर 1 मिनट भी लेट हो जाए तो, पूरे दिन का इंसेंटिव कट जाता है. जल्दी डिलीवरी करने के चक्कर में उन्हें रेड लाइट जंप करना पड़ता और कोहरे में भी ज्यादा स्पीड में गाड़ी चलानी पड़ती है. इसके अलावा पहले पिक-अप और डिलीवरी की सीमा 2 किलोमीटर थी, अब उसे बढ़ाकर 5 किलोमीटर कर दिया है. वहीं सैलरी को लेकर भी उनमें असंतोष है, क्योंकि पेट्रोल और अन्य खर्चा निकालकर और 13-15 घंटे काम करके उन्हें दिन का केवल 300-400 रुपए ही मिल पाता है.
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