Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से तीन लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती है.
31 December, 2025
Indore Contaminated Water: मध्यप्रदेश के इंदौर में इस समय हड़कंप मच गया है. यहां भागीरथपुरा इलाके में बस्ती का गंदा पानी पीने से तीन लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि गंदे पानी से अब तक आठ लोगों की मौत हुई है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी.
मौत के आंकडे पर सवाल
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से उल्टी और दस्त के कारण आठ लोगों की मौत हो गई है, हालांकि प्रशासन ने तीन मौतों की पुष्टि की है. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नंदलाल पाल (70), उर्मिला यादव (60) और तारा कोरी (65) की इलाके में दस्त से मौत हो गई. एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर, नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और भागीरथपुरा में एक असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया, जबकि एक इंचार्ज सब-इंजीनियर की सेवाएं खत्म कर दी गईं.
VIDEO | Mandsaur: As 32 people fall ill due to suspected water contamination in Indore, Madhya Pradesh Deputy Chief Minister Jagdish Devda says, "The administration is fully concerned about the matter. Whatever has happened will be thoroughly investigated."#MadhyaPradesh
— Press Trust of India (@PTI_News) December 30, 2025
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दूषित पानी से बीमार हुए लोग
अधिकारी ने बताया कि दूंषित पानी से हुई मौतों के आरोपों की जांच के लिए एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है. नगर आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि भागीरथपुरा में मुख्य पानी की सप्लाई पाइपलाइन में एक जगह लीकेज मिला है, जिसके ऊपर एक शौचालय बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इस लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हो गया होगा.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने कहा कि भागीरथपुरा में डायरिया फैलने की खबरों के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने 2,703 घरों का सर्वे किया और लगभग 12,000 लोगों की जांच की, जिसमें हल्के लक्षणों वाले 1,146 मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया. उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत गंभीर हालत वाले 111 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 18 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. इसी के साथ पानी के सैंपल की जांच की गई है, अभी रिपोर्ट आने का इंतजार है.
विपक्ष का आरोप
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रशासन दूषित पीने के पानी की घटना में अपनी “जानलेवा लापरवाही” को छिपाने के लिए असली मौत के आंकड़ों को छिपा रहा है. उन्होंने कहा, “दूषित पीने के पानी की घटना ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की छवि पर एक बुरा दाग लगा दिया है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावटी कदम उठाए जा रहे हैं.”
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