Goa Maritime Conclave: पणजी में एडमिरल ने समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और विशेष रूप से अवैध मछली पकड़ने (IUU) को बड़ी चुनौती बताया.
Goa Maritime Conclave: पणजी में आयोजित गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC)में शनिवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच अधिक एकजुटता पर जोर दिया. एडमिरल ने समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और विशेष रूप से अवैध मछली पकड़ने (IUU) को बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि वर्तमान आपराधिक नेटवर्क तकनीकी रूप से काफी उन्नत और परस्पर जुड़े हुए हैं, जिसके लिए साझा और ठोस कार्रवाई जरूरी है. सम्मेलन में कोमोरोस, केन्या, मालदीव और सेशेल्स सहित 14 देशों की नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया. प्रमुख सुरक्षा चिंताओं पर प्रकाश डालते हुए नौसेना प्रमुख ने प्राथमिक समुद्री खतरों में से एक के रूप में अवैध मछली पकड़ने की ओर इशारा किया.
अवैध मछली पकड़ने की घटनाओं में गिरावट
IFC (इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों की तुलना में अवैध मछली पकड़ने की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है, जो बढ़ी हुई गश्त, बेहतर निगरानी और अधिक मजबूत प्रवर्तन के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है. नौसेना प्रमुख ने कहा कि हालांकि, उच्च मूल्य वाली प्रजातियों को लगातार निशाना बनाना और अवैध शिकार की घटनाएं रोकने के लिए कानूनी ढांचे और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता हैं. उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव विशाखापत्तनम में प्रमुख समुद्री गतिविधियों के ठीक बाद हुआ है, जिसमें इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर), एक्सरसाइज मिलन, एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) प्रमुखों का कॉन्क्लेव शामिल है. त्रिपाठी ने बढ़ती चिंताओं के रूप में समुद्री डकैती और तस्करी को चिह्नित किया.
आपराधिक नेटवर्क अब अधिक संगठित
कहा कि हालिया ReCAAP आकलन एशियाई जलक्षेत्रों में बढ़ती सशस्त्र डकैती की घटनाओं का संकेत देते हैं. उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों, हथियारों और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में लगातार वृद्धि देखी गई है. गोल्डन क्रिसेंट और गोल्डन ट्राइएंगल के मार्ग समुद्र में तेजी से परिवर्तित हो रहे हैं. त्रिपाठी ने कहा कि ये गतिविधियां एक सामान्य सूत्र को उजागर करती हैं. कहा कि समुद्री आपराधिक नेटवर्क अधिक संगठित, तकनीकी रूप से जागरूक और परस्पर जुड़े हुए हैं. समुद्री सुरक्षा के लिए नौसेना प्रमुख ने प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने, संयुक्त संचालन करने और सहयोग को संस्थागत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सबसे पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों और तेजी से बदलते खतरों के युग में हमें जागरूकता से प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
