PM Modi in Loksabha: आज संसद के बजट सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल युद्ध संकट पर भाषण दिया. पीएम ने कहा कि हमारी सरकार अलर्ट, हमदर्द और हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है. हमने पहले भी कई चुनौतियों को सामना किया है.
23 March, 2026
संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है. आज प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल युद्ध संकट पर लोकसभा को संबोधित किया. पीएम ने बताया कि युद्ध के कारण भारत में संकट आ गया है, लेकिन हमारी सरकार अलर्ट, हमदर्द और हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है. हमने पहले भी कई चुनौतियों को सामना किया है. अपने भाषण शुरु करते हुए PM मोदी ने कहा, ‘मैं इस सदन में वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर इसके असर पर चर्चा करने आया हूं. वहां की स्थिति अभी चिंताजनक है.’
युद्ध ने भारत के सामने चुनौतियां खड़ी कीं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस युद्ध ने भारत के लिए पहले कभी नहीं देखी गई चुनौतियां खड़ी की हैं। ये चुनौतियां आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय हैं.’ प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “युद्ध कर रहे और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के बड़े व्यापारिक रिश्ते हैं. जिस इलाके में यह युद्ध हो रहा है, वह दुनिया भर के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक अहम रास्ता है. यह इलाका, खास तौर पर, हमारी कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करता है.
VIDEO | Parliament session: PM Narendra Modi, in his remarks in the Lok Sabha on the ongoing West Asia conflict, says, “During such crises, some elements try to take advantage of the situation. Therefore, all law enforcement agencies have been kept on alert to maintain law and… pic.twitter.com/gsE76alXju
— Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
5.3 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल रिजर्व है
PM मोदी ने कहा, “घरेलू LPG के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही घरेलू प्रोडक्शन पर जोर दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गैस और तेल की कमी को रोकने के लिए अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के संपर्क में है. जहां भी हो सके, सप्लाई जारी रखने की कोशिशें चल रही हैं. वह इस पर बात करने के लिए अपने साथियों से बातचीत कर रहे हैं. आज, भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है. भारत के पास 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से ज़्यादा कच्चे तेल का स्ट्रेटेजिक रिजर्व है और 6.5 मिलियन मीट्रिक टन पर काम चल रहा है.
शांति के पक्ष में भारत
PM नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत ने एनर्जी और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है. कमर्शियल जहाजों पर हमले और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाले व्यापार समेत इंटरनेशनल वॉटरवे में रुकावटें मंजर नहीं हैं. भारत चल रहे विवाद के बीच भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पक्का करने के लिए लगातार डिप्लोमैटिक कोशिशें कर रहा है. हमने हमेशा इंसानियत और शांति के हक में आवाज उठाई है और मानते हैं कि बातचीत और डिप्लोमेसी ही इसका एकमात्र हल है. हमारी सभी कोशिशें तनाव कम करने और विवाद खत्म करने के मकसद से हैं. इंसानी जिंदगी के लिए कोई भी खतरा इंसानियत के हित में नहीं है, और भारत सभी पक्षों से जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान पर पहुंचने की अपील कर रहा है.
एकजुट होकर संकट का सामना करने की जरूरत
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर लोकसभा में अपनी बात रखते हुए PM नरेंद्र मोदी ने कहा, “ऐसे संकट के समय, कुछ लोग स्थिति का फ़ायदा उठाने की कोशिश करते हैं. इसलिए, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, और सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया जा रहा है. भारत की कोशिश है कि सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान पर पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. चल रहे युद्ध को देखते हुए, चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है, और हमें तैयार और एकजुट रहना होगा. जैसे हमने COVID-19 के दौर का सामना किया, हमें फिर से उसी तरह जवाब देने के लिए तैयार रहने की जरूरत है.
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