Cashless Treatment Scheme: सड़क हादसे में घायलों को समय पर त्वरित और अच्छा उपचार मिले, इसके लिए भारत सरकार जल्द ही पूरे देश में कैशलेस उपचार योजना शुरू करने जा रही है.
Cashless Treatment Scheme: सड़क हादसे में घायलों को समय पर त्वरित और अच्छा उपचार मिले, इसके लिए भारत सरकार जल्द ही पूरे देश में कैशलेस उपचार योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना की खास बात यह है कि घायलों को 1.5 लाख तक का निशुल्क इलाज मिलेगा. कोई भी नजदीकी निजी या सरकारी अस्पताल पैसे के अभाव में इलाज से मना नहीं कर सकेगा. यदि कोई ऐसा करता है तो निजी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है. जबकि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर कार्रवाई हो सकती है. कैशलेस उपचार योजना का उद्देश्य समय पर चिकित्सा सहायता में देरी के कारण हर साल सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पूरे भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना शुरू करेंगे.
मौत को रोकना योजना का उद्देश्य
14 मार्च, 2024 को मंत्रालय ने चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार प्रदान करने के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया था, जिसे बाद में छह राज्यों तक विस्तारित किया गया. गडकरी ने यहां सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री जल्द ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ करेंगे. बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और जनता की सुविधा, व्यापार करने में सुगमता और वाहन नियमों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया. कैशलेस उपचार योजना का उद्देश्य समय पर चिकित्सा सहायता में देरी के कारण हर साल सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौत की संख्या को कम करना है. सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद रहित उपचार योजना, 2025 के तहत पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि के लिए प्रति पीड़ित प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का नकद उपचार प्राप्त करने का अधिकार है.
सभी सड़क हादसों पर लागू होगा नियम
यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होती है. अधिसूचना में कहा गया था कि किसी भी सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटना का शिकार कोई भी व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के अनुसार नकद रहित उपचार का हकदार होगा. मार्च 2024 में योजना के प्रायोगिक शुभारंभ के बाद से दुर्घटना पीड़ितों द्वारा किए गए लगभग 20 प्रतिशत नकद रहित उपचार अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया है. गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि कुल 6,833 उपचार अनुरोधों में से 5,480 पीड़ित पात्र पाए गए हैं. शेष मामलों को पुलिस ने अस्वीकार कर दिया है. गडकरी ने कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत कुल 73,88,848 रुपये वितरित किए गए हैं.
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