Local Body Elections: गुजरात राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है.
- गांधीनगर से निकुल पटेल
Local Body Elections: गुजरात राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है. इसी बीच आयोग ने 23 मार्च को नगरपालिकाओं और पंचायतों की मतदाता सूची जारी कर दी है. इसे आगामी चुनावों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बार राज्य की 15 महानगरपालिकाओं, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 250 तालुका पंचायतों के लिए मतदाता सूची प्रकाशित की गई है. यह सूची प्रारंभिक रूप से जारी की गई है, जिसे लेकर अब आम नागरिकों को अपने नाम की जांच करने और जरूरत पड़ने पर संशोधन करवाने का मौका दिया जाएगा.
नाम जोड़ने, हटाने या सुधार का मिलेगा मौका
अगर मतदाताओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 महानगरपालिकाओं में कुल 1 करोड़ 10 लाख 36 हजार 391 मतदाता शामिल हैं. वहीं 84 नगरपालिकाओं में 33 लाख 96 हजार 330 मतदाता दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा 34 जिला पंचायतों और 250 तालुका पंचायतों में कुल 2 करोड़ 94 लाख 82 हजार 549 मतदाता सूची में शामिल हैं. ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाता हिस्सा लेने वाले हैं. राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि यह केवल प्रारंभिक सूची है और इसमें नाम जोड़ने, हटाने या सुधार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं, जिससे कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे. अधिकारियों की मानें तो इन मतदाता सूचियों के आधार पर जल्द ही चुनाव कार्यक्रम का ऐलान भी किया जा सकता है.
राजनीतिक दलों की चौखट पर दावेदारों की भीड़
चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. संभावित उम्मीदवारों की तलाश तेज हो गई है और स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है. टिकट के लिए हर राजनीतिक दल के चौखट पर दावेदारों की भीड़ लग रही है. गौरतलब है कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों का खास महत्व होता है, क्योंकि ये चुनाव सीधे तौर पर जमीनी स्तर की राजनीति को प्रभावित करते हैं. यहीं से भविष्य के बड़े नेताओं की नींव भी रखी जाती है. फिलहाल सभी की नजर अब चुनाव आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हुई है, जिसमें चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है. तब तक के लिए मतदाताओं के पास सुनहरा मौका है कि वे अपनी जानकारी को सही करवा लें और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.
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