Home चुनाव Lok Sabha Elections 2024 Results: कैसे की जाती है वोटों की गिनती? यहां जानिये फुल डिटेल्स

Lok Sabha Elections 2024 Results: कैसे की जाती है वोटों की गिनती? यहां जानिये फुल डिटेल्स

by Live Times 4 June 2024, 6:13 AM IST (Updated 11 September 2025, 2:42 PM IST)
4 June 2024, 6:13 AM IST (Updated 11 September 2025, 2:42 PM IST)
Lok Sabha Elections 2024 Results

Lok Sabha Elections 2024 Results: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 2024 की लोकसभा चुनाव प्रक्रिया 44 दिनों में सात दौर की वोटिंग के बाद खत्म हो गई और अब नतीजों की बारी है.

04 June, 2024

Lok Sabha Elections 2024 Results: लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया की कड़ी में मंगलवार 8 बजे से मतगणना शुरू जाएगी. वोटों की गिनती शुरू होते ही शुरुआती रुझान और नतीजे आने शुरू हो जाएंगे आखिरी नतीजे चार जून की रात या पांच जून की सुबह तक आने की उम्मीद है. भारत की संसद के निचले सदन लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे 8,000 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है. मंगलवार सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. वोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन या ईवीएम के जरिए डाले गए. ईवीएम का इस्तेमाल 2004 से किया जा रहा है.

स्ट्रॉग रूम में रखा जाता है ईवीएम को

अशोक लवासा (भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त) का कहना है कि वे सभी ईवीएम जिनमें वोट दर्ज किए गए हैं, उन्हें एक स्ट्रांग रूम में रखा जाता है जिसे पोलिंग टीम से चुनाव सामग्री मिलने के बाद सील कर दिया जाता है। पोलिंग के बाद जब ईवीएम को बंद किया जाता है तो सबसे पहले उस सील को लगाया जाता है. उस सील में सभी उम्मीदवारों या उनके पोलिंग एजेंटों के हस्ताक्षर होते हैं जब उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है.

प्रक्रिया के बारे में दी जाती है उम्मीदवारों को जानकारी

यहां पर बता दें कि मुहर लगने के बाद मजबूत पक्ष पर पार्टियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी होते हैं, इसलिए एक बार जब गिनती की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, तो उम्मीदवारों को सूचित कर दिया जाता है. राजनीतिक दलों को सूचित कर दिया जाता है. यह ईसीआई के निर्देशों के अनुसार है और उनकी मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम खोले जाते हैं. अगली कड़ी में मशीनों को कमरे और काउंटिंग हॉल में लाया जाता है.

कड़ी पहरे में रखी जाती है ईवीएम

चुनाव आयोग वोटों की गिनती की निगरानी के लिए हर लोकसभा सीट के लिए रिटर्निंग अधिकारी तैनात करता है. उनकी मदद सरकारी कर्मचारी करते हैं. वोटिंग खत्म होने के बाद ईवीएम को सील कर कड़े पहरे में रख दिया जाता है. वोटों की गिनती वाले दिन सभी राजनैतिक पार्टियों के नुमाइंदों की मौजूदगी में उन्हें खोला जाता है.

पहले की जाती है पोस्टल बैलेट की गिनती

अशोक लवासा की मानें तो सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाती है और चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होने के लगभग आधे घंटे बाद, पहले राउंड की गिनती ईवीएम से की जाती है और उसके बाद मशीन से एक-एक राउंड की गिनती की जाती है, ईवीएम लाया जाता है, मेज पर रखा जाता है और परिणाम बटन दबाया जाता है यह देखने के लिए कि उस ईवीएम में कितना वोट डाला गया.

वोटिंग के लिए लगाई जाती हैं 14 मेजें

वोटों की गिनती जहां की जाती है, वहां 14 मेजें लगाई जाती हैं. हर ईवीएम की कंट्रोल यूनिट के जरिए वोटों की गिनती राउंड में की जाती है और हर राउंड के बाद नतीजों का ऐलान किया जाता है. 2013 में शुरू किया गया वोटर वेरिफ़िएबल पेपर ऑडिट ट्रेल या वीवीपीएटी सिस्टम हर वोट के लिए एक पेपर स्लिप निकलती है. वोटर को ये स्लिप दिखाई देती है.

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