Home Latest News & Updates जानलेवा बना भैंस के दूध का रायता, पीने वाले 200 लोगों ने लगवाया रेबीज का टीका, कुत्ते के काटने से मरी भैंस

जानलेवा बना भैंस के दूध का रायता, पीने वाले 200 लोगों ने लगवाया रेबीज का टीका, कुत्ते के काटने से मरी भैंस

by Neha Singh
0 comment
Badaun News

Badaun News: बदायूं के पिपरौली में गांव में डर का माहौल बन गया, जब लोगों को पता चला कि उन्होंने जिस भैंस के दूध का रायता पीया था, उसकी कुत्ते के काटने के कारण मौत हो गई है.

29 December, 2025

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं में लोगों को रायता पीना भारी पड़ गया. पिपरौली गांव के करीब 200 लोगों ने एहतियात के तौर पर रेबीज का टीका लगवाया, जब उन्हें पता चला कि अंतिम संस्कार में उन्होंने जो रायता पीया था, वह उस भैंस के दूध से बना था जिसे एक कुत्ते ने काट लिया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी. गांव वालों के मुताबिक, 23 दिसंबर को गांव में एक अंतिम संस्कार हुआ था, जहां उन्होंने रायता पीया था. बाद में पता चला कि जिस भैंस के दूध से वह रायता बना था, उसे कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था.

पागल कुत्ते के काटने से भैंस की मौत

26 दिसंबर को भैंस की मौत हो गई, जिसके बाद इन्फेक्शन के डर से गांव में दहशत फैल गई. एक-दो नहीं बल्कि गांव के 200 लोग उझानी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचे और टीका लगवाया. चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने रविवार को बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि गांव में एक भैंस को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था और रेबीज के लक्षणों के कारण उसकी मौत हो गई थी. बताया गया कि गांव वालों ने ‘इन्फेक्टेड’ रायता खाया था. एहतियात के तौर पर सभी को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी गई.

गांव में हालात सामान्य

मिश्रा ने कहा, “इलाज से बेहतर रोकथाम है. जिन लोगों को भी कोई शक था, उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई. आमतौर पर दूध उबालने के बाद रेबीज का कोई खतरा नहीं होता, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए वैक्सीनेशन किया गया.” स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब तक गांव में कोई बीमारी नहीं फैली है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है. वहीं जो लोग गांव के बाहर से तेरहंवी में आए थे, उन्हें भी टीका लगवाने की सलाह दी गई है.

दो दिनों तक लगाया गया टीका

CMO ने यह भी कहा कि जो भी एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आया, उसे उझानी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में तुरंत इंजेक्शन लगाया गया. इसके लिए प्राइमरी हेल्थ सेंटर/कम्युनिटी सेंटर को शनिवार और रविवार दोनों दिन खुला रखा गया था. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या दहशत फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर गांव पर नजर रखी जा रही है. धर्मपाल नाम के व्यक्ति ने बताया कि भैंस के मरने की खबर से पूरे गांव डर गया और सभी ने इन्फेक्शन के डर से रेबीज का इंजेक्शन लगवाया.

यह भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने से 1 की मौत, 2 बोगियां जलकर खाक

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2025 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?