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New Delhi: कक्षा घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 300 से ज्यादा पासबुक जब्त, विभागीय फाइलें भी कब्जे में

by Sanjay Kumar Srivastava 20 June 2025, 4:17 PM IST (Updated 20 June 2025, 6:04 PM IST)
20 June 2025, 4:17 PM IST (Updated 20 June 2025, 6:04 PM IST)
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पासबुक मजदूरों के नाम पर खोले गए खच्चर बैंक खातों से जुड़ी थीं. बताया जाता है कि इसके जरिए पिछली आप सरकार ने कक्षा निर्माण घोटाले से प्राप्त धन को डायवर्ट किया था.

New Delhi: दिल्ली में ED ने कक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 से ज्यादा पासबुक जब्त कर ली. ये पासबुक मजदूरों के नाम पर खोले गए खच्चर बैंक खातों से जुड़ी थीं. बताया जाता है कि इसके जरिए पिछली आप सरकार ने कक्षा निर्माण घोटाले से प्राप्त धन को डायवर्ट किया था. इस मामले में ED ने 18 जून को दिल्ली में 37 स्थानों पर तलाशी ली थी. इस पर आप ने ईडी की कार्रवाई को जनता का ध्यान भटकाने का एक हताश प्रयास करार दिया था और कहा था कि उसके नेताओं के खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

ठेकेदार के परिसर से पर्याप्त सबूत बरामद

ईडी ने कहा कि एक निजी ठेकेदार के परिसर से पर्याप्त सबूत बरामद किए गए हैं. जब्त की गई सामग्री में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित मूल विभागीय फाइलें, साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के नाम और पदनाम वाले रबर स्टैम्प शामिल हैं. अधिकारियों ने यह भी पाया कि मजदूरों के नाम पर 322 खच्चर खाते (अवैध धन के लेन-देन के लिए उपयोग किए जाने वाले पासबुक) खोले गए थे. ईडी ने बताया कि वैध लेनदेन की आड़ में पासबुक का इस्तेमाल सरकारी धन की हेराफेरी करने के लिए किया गया था. निजी ठेकेदारों और मुखौटा संस्थाओं के कुछ जाली लेटरहेड, जिनका इस्तेमाल फर्जी खरीद रिकॉर्ड और काल्पनिक खरीद बिल बनाने के लिए किया गया था, छापे के दौरान जब्त किए गए.

2015 से 2023 के बीच का मामला

ईडी ने कहा कि मामला 2015 से 2023 के बीच पीडब्ल्यूडी द्वारा 12,748 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी से संबंधित है. एजेंसी ने कहा कि 2,405 कक्षाओं की प्रारंभिक आवश्यकता के बावजूद परियोजना का दायरा मनमाने ढंग से 7,180 समकक्ष कक्षाओं तक बढ़ा दिया गया. बाद में उचित मंजूरी या अनुमोदन के बिना 12,748 कमरों तक बढ़ा दिया गया. बब्बर एंड बब्बर एसोसिएट्स नामक कंपनी ने अनुचित तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर काम किया.

तलाशी के दौरान मिलीं कई डमी फर्में

एजेंसी ने यह भी दावा किया कि तलाशी के दौरान कई डमी फर्में मिलीं, जिनके पास कोई वास्तविक बुनियादी ढांचा, दस्तावेज या परिचालन वैधता नहीं थी. आप ने 18 जून को कहा कि तथाकथित छापे कुछ और नहीं बल्कि वास्तविकता से जनता का ध्यान हटाने का एक हताशा भरा प्रयास है. आरोप निराधार, राजनीति से प्रेरित है और केवल भाजपा के जनविरोधी कार्यों से ध्यान हटाने के लिए लगाए गए हैं. मामले में एसीबी ने सिसोदिया और जैन से पूछताछ की है.

भाजपा नेताओं ने दर्ज कराई थी शिकायत

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा मामले में खामियों को चिह्नित किए जाने के बाद एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की. भाजपा नेता कपिल मिश्रा, हरीश खुराना और नीलकांत बख्शी ने 2019 में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दिल्ली के तीन क्षेत्रों में कक्षाओं के निर्माण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था. ACB ने आरोप लगाया कि परियोजना पर कुल 2,892 करोड़ रुपये खर्च हुआ, जिससे प्रति कक्षा लागत 24.86 लाख रुपये हो गई. जबकि मानक मानदंडों के तहत अनुमानित 5 लाख रुपये थे.

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