Home Latest News & Updates कर्नाटक में जाति जनगणना के दौरान DY CM का इन सवालों पर आपत्ति, कहा- निजता का ध्यान रखें अधिकारी

कर्नाटक में जाति जनगणना के दौरान DY CM का इन सवालों पर आपत्ति, कहा- निजता का ध्यान रखें अधिकारी

by Sanjay Kumar Srivastava 5 October 2025, 1:52 PM IST (Updated 10 November 2025, 11:45 AM IST)
5 October 2025, 1:52 PM IST (Updated 10 November 2025, 11:45 AM IST)
DK Shivakumar

Caste census: यह पूछने की कोई जरूरत नहीं है कि उनके पास कितनी घड़ियां या फ्रिज हैं. मैंने अफसरों को सलाह दी है कि ऐसे सवाल पूछने की कोई जरूरत नहीं है.

Caste census: कर्नाटक में जाति जनगणना के बीच उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को सलाह दी है कि वे लोगों से व्यक्तिगत सवाल न पूछें. उन्होंने रविवार को कहा कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी लोगों की निजता का ख्याल रखें. उन्होंने जाति जनगणना में लगे अधिकारियों को सलाह दी है कि वे कुछ ऐसे प्रश्न न पूछें जो व्यक्तिगत प्रकृति के हों. उन्होंने लोगों से सर्वेक्षण में भाग लेने का भी आह्वान किया. कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कराया जा रहा यह सर्वेक्षण 22 सितंबर को शुरू हुआ था और 7 अक्टूबर तक चलेगा. सर्वेक्षण के दौरान पूछे गए सवालों पर आपत्तियों के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा कि किसी को भी आपत्ति उठाने दीजिए, यह सर्वेक्षण करना ही होगा.

सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील

न्यायालय ने कहा है कि सर्वेक्षण स्वैच्छिक है और लोग जो चाहें उसका उत्तर दे सकते हैं. अगर वे किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते तो उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए. यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे बेंगलुरु में लोगों से यह न पूछें कि लोग कितने मुर्गे, भेड़ और बकरी पाल रहे हैं और उनके पास कितना सोना है. ये निजी मामले हैं. यह पूछने की कोई जरूरत नहीं है कि उनके पास कितनी घड़ियां या फ्रिज हैं. मैंने उन्हें सलाह दी है कि ऐसे सवाल पूछने की कोई जरूरत नहीं है. मुझे नहीं पता कि वे क्या करेंगे, क्योंकि यह एक स्वतंत्र आयोग है. सर्वेक्षण का विरोध करने का कोई मतलब नहीं है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि पहले के सर्वेक्षण को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं, इसलिए सभी को भाग लेने का अवसर दिया जा रहा है. सर्वेक्षण की अवधि बढ़ाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आयोग और संबंधित विभाग इस पर फैसला लेंगे. मैं सभी से सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील करता हूं.

गोपनीयता का ध्यान रखें कर्मी

शिवकुमार, जो बेंगलुरु विकास मंत्री भी हैं, ने शनिवार को अपने घर पर गणनाकर्ताओं द्वारा पूछे गए कई सवालों पर आपत्ति जताई थी, जिनमें से कुछ का उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया था. ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में, जहां पांच नए निगम बने हैं, अधिकारियों के अनुरोध पर प्रशिक्षण और आवश्यक तैयारियों के लिए सर्वेक्षण में देरी हुई. सर्वेक्षण अभी चल रहा है. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले महीने सर्वेक्षण रोकने से इनकार कर दिया था, लेकिन राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को एकत्रित आंकड़ों की गोपनीयता बनाए रखने और नागरिकों की स्वैच्छिक भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. अधिकारियों के अनुसार, 420 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आयोजित इस सर्वेक्षण में 60 प्रश्नों वाली प्रश्नावली का उपयोग किया गया है और इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है. सरकार ने 2015 में एक पूर्व सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण पर 165.51 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था.

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