Home Top News ED की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के ‘मास्टर माइंड’ निकले कर्नाटक के ये विधायक

ED की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के ‘मास्टर माइंड’ निकले कर्नाटक के ये विधायक

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
ED की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के 'मास्टर माइंड'निकले कर्नाटक के ये विधायक

ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कर्नाटक कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र पर शिकंजा कस दिया है. ED ने केसी वीरेंद्र और उनके सहयोगी की 177 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त कर ली.

ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र पर शिकंजा कस दिया है. ED ने केसी वीरेंद्र और उनके सहयोगी की 177 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त कर ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके सहयोगी देशभर में फैले अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार हैं. कहा कि धन शोधन जांच के तहत 177 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त की गई हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि उसने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कृषि और आवासीय भूखंडों के साथ-साथ कुछ चल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया है. राज्य की चित्रदुर्ग विधानसभा सीट से 51 वर्षीय विधायक को अगस्त 2025 में ईडी ने सिक्किम से गिरफ्तार किया था, जहां वे एक कैसीनो को पट्टे पर लेने के लिए व्यावसायिक यात्रा पर गए थे. वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

भारत में ऑनलाइन गेमिंग पर है रोक

ईडी ने विधायक को इस मामले में मुख्य आरोपी बताया था. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है. विधायक केसी वीरेंद्र पर किंग 567 और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से जनता के साथ धोखाधड़ी और जबरन वसूली का आरोप है. ईडी ने आरोप लगाया कि बाद की जांच में पता चला है कि केसी वीरेंद्र और उनके सहयोगी देशभर में फैले अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं. केंद्र सरकार ने पिछले साल भारत में ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था. एजेंसी ने बताया कि खिलाड़ियों को फर्जी अवैध गेमिंग वेबसाइटों पर पैसे लगाने के लिए उकसाया गया था, जो ऑनलाइन कैसीनो की तरह थीं.

अबतक कुल 320 करोड़ की संपत्ति जब्त

खिलाड़ियों द्वारा जमा की गई करोड़ों रुपये की रकम को पेमेंट गेटवे के माध्यम से निर्दिष्ट एग्रीगेटर खातों में एकत्र किया गया था. पीड़ितों को पहले विश्वास दिलाने के लिए फर्जी जीत दिखाई गई और फिर अंततः निकासी रोक दी गई. ईडी ने बताया कि जांच से पता चला कि अपराध की आय को लॉन्ड्रिंग करने के लिए सैकड़ों फर्जी खातों और कई पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया गया था. एजेंसी ने इस मामले में पहले भी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की है. गुरुवार की कार्रवाई के साथ इस मामले में जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 320 करोड़ रुपये हो गया है. ईडी ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. एजेंसी ने कहा है कि अपराध की शेष आय का पता लगाने और इसमें शामिल सभी लाभार्थियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है.

ये भी पढ़ेंः ग्रेटर नोएडा में पुलिसकर्मी को कुचलने का प्रयास, बोनट पर 500 मीटर तक घसीटा, भीड़ देख वाहन छोड़कर फरार

News Source: Press Trust of India (PTI)

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?