Home Top News विवादों के बीच सिक्किम के गवर्नर बने दुष्यंत गौतम, ढाल सिंह ने उत्तराखंड के राज्यपाल की शपथ ली

विवादों के बीच सिक्किम के गवर्नर बने दुष्यंत गौतम, ढाल सिंह ने उत्तराखंड के राज्यपाल की शपथ ली

by Neha Singh 19 October 2026, 12:33 PM IST
19 October 2026, 12:33 PM IST
Governor Dushyant Gautam

Governor Dushyant Gautam: सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम ने आज सोमवार को लोक भवन में राज्य के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. वहीं डॉ. ढाल सिंह ने उत्तराखंड के गवर्नर की शपथ ली. सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त किए गए दुष्यंत गौतम, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वे दिल्ली नगर निगम में पार्षद और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं. वर्तमान में दुष्यंत गौतम को लेकर उत्तराखंड में राजनीति गरमाई हुई है.

उत्तराखंड के लोग कर रहे विरोध

नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम को लेकर उत्तराखंड के लोगों में आक्रोश है. इसका मुख्य कारण हाई-प्रोफाइल अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ एंगल है. फरवरी में एक ऑडियो क्लिप सामने आया, जिसमें कहा गया कि अंकिता की हत्या में उस समय उत्तराखंड के बीजेपी प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम ‘VIP’ के तौर पर जुड़े हुए थे.  प्रदर्शनकारियों और अंकिता के माता-पिता का का कहना है कि जब इस मामले की CBI जांच चल रही है, तब संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल जैसे किसी उच्च संवैधानिक पद पर नियुक्त करना गलत है.

चार राज्यों को मिले नए राज्यपाल

राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार (13 अक्टूबर) को चार राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए. इनमें सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल, ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल, ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है.

ढाल सिंह ने ली उत्तराखंड के गवर्नर की शपथ

ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून के लोक भवन में उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे. शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए, बिसेन ने कहा, “मैं इस देवभूमि की सेवा करने का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं है, यह हमारी आस्था और संस्कृति का केंद्र है. यह चार पवित्र धामों की भूमि है और यहां आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे कई अन्य अत्यंत दिव्य और पवित्र स्थल भी मौजूद हैं. यह भूमि अपने अनोखे पर्यटन स्थलों के लिए दुनिया भर में जानी जाती है. देवभूमि होने के साथ-साथ, यह एक ‘वीर भूमि’ भी है, जहां लगभग हर परिवार से कम से कम एक सदस्य देश की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों में सेवा दे रहा है.”

ढाल सिंह बिसेन, मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद हैं. वे मध्य प्रदेश सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी. उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है.

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News Source: ANI

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