KGMU Controversy: लखनऊ के केजीएमयू में इस समय बवाल मचा हुआ है. एक तरफ धर्मांतरण के रैकेट की जांच चल रही है, वहीं दूसरी केजीएमयू प्रशासन और अपर्णा यादव के बीच विवाद पैदा हो गया है .
13 January, 2026
KGMU Controversy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस समय बवाल मचा हुआ है. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सहकर्मी डॉक्टर पर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद इस पर राजनीति भी हो रही है. राज्य की महिला आयोग की उपाध्यक्ष जब यूनिवर्सिटी में कुलपति से मिलने आई तो कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ की. इससे नाराज होकर कुलपति और डॉक्टरों ने 14 फरवरी को हड़ताल करने का ऐलान किया था. हालांकि अब यह हड़ताल नहीं होगी.चलिए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है.
क्या है पूरा मामला
पैथोलॉजी डिपार्टमेंट की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने साथी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक उर्फ रमीजुद्दीन नायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबरन अबॉर्शन कराया और उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला. विशाखा कमेटी की जांच में आरोपी को फिजिकल और मेंटल अब्यूज का दोषी पाया गया. इसके आधार पर उसे 22 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया गया और कैंपस में एंट्री पर रोक लगा दी गई. वहीं अब आरोपी को निकालने का फैसला किया है. केजीएमयू प्रशासन ने धर्मांतरण रैकेट की पुष्टि करते हुए आगे जांच की मांग की.
अपर्णा यादव के खिलाफ FIR की मांग
विवाद तब बढ़ गया है जब अपर्णा यादव कुलपति से मिलने केजीएमयू पहुंची. उन्हें वीसी चैंबर के बाहर कुछ देर इंतजार करना पड़ा, जिससे आक्रोशित होकर उनके साथ आए लोगों ने वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी. उनके लोगों ने वहां अभद्रता की , तोड़फोड़ और बहुत हंगामा किया. इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने थाने में अपर्णा यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की. सोमवार को केजीएमयू कैंपस के नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी संगठन और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने एक बैठक में फैसला लिया कि अगर 24 घंटे के भीतर अपर्णा यादव पर एफआईआर नहीं हुई तो वे हड़ताल पर रहेंगे और काम का बहिष्कार करेंगे. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे अभद्रता को उनकी गरिमा पर हमला बताया है.

सीएम से मुलाकात के बाद टली हड़ताल
KGMU की कुलपति सोनिया नित्यानंद ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें यूनिवर्सिटी की इंटरनल जांच के नतीजों से अवगत कराया, जिसमें पहली नजर में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आरोपों को सही पाया है. मुलाकात के बाद, कुलपति ने टीचर्स, रेजिडेंट्स और डॉक्टर एसोसिएशन से हड़ताल न करने की अपील की है यानी आज 13 जनवरी को अस्पताल में सभी सेवाएं चालू रहेंगी. हालांकि डॉक्टर एसोसिएशन ने FIR रजिस्टर न होने पर 14 जनवरी को काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है.

UP STF करेगी मामले की जांच
सीएम योगी ने इस पूरे मामले की जांच अब यूपी एसटीएफ को सौंप दी है. एसटीएफ मामले में एक संगठित धर्म परिवर्तन रैकेट के तौर पर जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है. पुलिस ने कहा कि घटनाओं का क्रम और मामले में नामजद दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है. फिलहाल पुलिस ने धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. वह 16 दिनों से फरार चल रहा था.
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