Magh Mela First Day: माघ मेले के पहले दिन श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. आज से श्रद्धालुओं का महीने भर चलने वाला कल्पवास भी शुरू हो जाएगा.
3 January, 2026
Magh Mela First Day: पौष पूर्णिमा के साथ माघ मेले का शुभारंभ हो गया है. कड़ाके की ठंड में श्रद्धालू त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं. प्रशासन ने कहा है कि शनिवार को पौष पूर्णिमा के दिन मेले के पहले दिन गंगा और संगम में लगभग 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान करने की उम्मीद है. पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ ही शनिवार से श्रद्धालुओं का महीने भर चलने वाला कल्पवास भी शुरू हो जाएगा.
‘मेला सेवा ऐप’ के जरिए कर सकते हैं शिकायत
प्रयागराज की डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि शुभ स्नान का समय शनिवार सुबह 4 बजे शुरू होगा और पहले दिन गंगा और संगम में 25-30 लाख तीर्थयात्रियों के स्नान करने की उम्मीद के साथ तैयारियां की गई हैं. 2023-24 के माघ मेले के दौरान 8,000 फीट की तुलना में मेले स्थल पर 10,000 फीट लंबे स्नान घाट बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री ने माघ मेले के लिए एक आधिकारिक लोगो जारी किया है.
VIDEO | Magh Mela 2026: Devotees take a holy dip at Sangam, Prayagraj, on the first day of the Magh Mela on Paush Purnima. With the Paush Purnima bath, the month-long Kalpavas of devotees has also begun.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 3, 2026
Ajay Pal Sharma, Additional Police Commissioner, says, "Devotees in large… pic.twitter.com/s4zeRV3hfs
जिला कमिश्नर ने आगे कहा कि बिजली विभाग ने एक ‘मेला सेवा ऐप’ भी लॉन्च किया है, जिसके ज़रिए श्रद्धालु बिजली के खंभों पर लगे QR कोड को स्कैन करके शिकायतें दर्ज करा सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं को स्नान घाटों तक आसानी से पहुंचने और पैदल चलने की दूरी कम करने के लिए माघ मेले में पहली बार बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू की गई हैं.
सुरक्षा के इंतजाम
उत्तर प्रदेश पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि मेला क्षेत्र में 1,600 से ज़्यादा कांस्टेबल और लगभग 1,000 होम गार्ड तैनात किए गए हैं, जबकि ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 400 ट्रैफिक कांस्टेबल और 38 ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं. उन्होंने कहा कि थानेवार 15 क्विक रिस्पॉन्स टीमें बनाई गई हैं. इसके अलावा, मेला क्षेत्र में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की दो टीमें, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की छह टीमें, प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की 17 कंपनियां और स्थानीय खुफिया इकाई के 100 से ज़्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नौ पोंटून पुल बनाए गए हैं, जिनके सिरों पर 18 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं. आग से सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के तहत 20 फायर स्टेशन और 20 वॉच टावर स्थापित किए गए हैं.
अस्पताल और 50 एम्बुलेंस उपलब्ध
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि मेला क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल बनाए गए हैं और पूरे इलाके में स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में 50 एम्बुलेंस मोबाइल रहेंगी. वर्मा ने कहा कि तीर्थयात्रियों को ठंड से बचाने के लिए 500 बिस्तरों वाला नाइट शेल्टर बनाया गया है. हर सेक्टर में अलाव की व्यवस्था की गई है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त कंबल दिए गए हैं.
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