TCS Controversy : आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस की एचआर निदा खान की मुश्किलें कम होती हुई नहीं दिखाई दे रही हैं. कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
TCS Controversy : महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस पर जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार निदा खान (27) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. नासिक की एक अदालत ने 24 मई तक निदा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सोमवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद खान को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केजी जोशी की अदालत में पेश किया गया. बता दें कि निदा को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ IT की नासिक यूनिट के कर्मचारियों की शिकायत के बाद यह मामला सामने आया था और वह उसी वक्त से फरार चल रही थीं और पुलिस ने उन्हें ढूंढने के लिए दो टीम लगाई हुईं थीं.
पुलिस नहीं की रिमांड बढ़ाने की अपील
निदा खान गर्भवती हैं और उनको अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है. इस दौरान पुलिस ने उसकी रिमांड बढ़ाने के लिए कोर्ट में अपील नहीं की और अब उसे नासिक रोड सेंट्रल जेल भेज दिया गया है. निदा खान पर यौन उत्पीड़न और मानहानि के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावाधानों के अलावा SC/ST एक्ट तहत भी मामला दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता एक अनुसूचित जाति की महिला है और खान ने यह बात जानते हुए भी उसे जबरदस्ती धर्मांतरित करने की कोशिश की थी.
मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई करने की कही बात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसको गंभीर मामला बताया है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और संबंधित जांच एजेंसियों गहनता के साथ इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि एजेंसियां अभी इस मामले में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है. फिलहाल, सरकार का मुख्य उद्देश्य उन चेहरों को बेनकाब करना है जो इस तरह की गतिविधियों में लिप्त है. साथ ही सभी तथ्य सामने आने के बाद दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने का प्रयास करेंगे.
9 FIR की SIT कर रही जांच
वहीं, नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस केस में करीब 9 FIR की जांच कर रही है. इसमें एक मामला देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन और 8 मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं ने शोषण, जबरदस्ती इस्लाम में धर्मांतरण की कोशिश, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है. देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR में अपना नाम आने के बाद निदा खान ने सेशंस कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी. साथ ही उन्होंने अपने आपको बेकसूर भी बताया था और जमानत के लिए तीन महीने की प्रेगनेंसी का हवाला भी दिया था. कोर्ट ने निदा खान की 2 मई को अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पीड़ित का ब्रेनवॉश करने की एक सुनियोजित साजिश की गई थी.
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News Source: PTI
