Dirty Drinking Water: राजस्थान के जयपुर शहर के सुशीलपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से सैकड़ों निवासी बीमार पड़ गए. कई लोगों की उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार से हालत खराब हो गई.
Dirty Drinking Water: राजस्थान के जयपुर शहर के सुशीलपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से सैकड़ों निवासी बीमार पड़ गए. कई लोगों की उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार से हालत खराब हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. सूचना पर पहुंचे सिविल लाइंस के विधायक गोपाल शर्मा को निवासियों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया. निवासियों का कहना था कि सीवेज का गंदा पानी घरों में सप्लाई किया गया. कई निवासी उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मतली और बुखार से पीड़ित हैं. बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि लगभग हर घर प्रभावित है. कई लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं. निवासी पूरन मल कुमावत ने कहा कि उनका परिवार कई दिनों से अस्वस्थ है. उन्होंने कहा कि हम सभी दस्त और कमजोरी से पीड़ित हैं. मेरी पत्नी को इंजेक्शन लेना पड़ा.
विधायक को झेलना पड़ा भारी आक्रोश
एक अन्य निवासी जानकी सैनी ने कहा कि स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है. उन्होंने कहा कि मेरे तीनों बच्चे पेट दर्द और बुखार से पीड़ित हैं. हम बाहर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उफनती नालियों और टूटी सड़कों के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है. पास की सरकारी डिस्पेंसरी के प्रभारी डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि पिछले तीन दिनों में समान लक्षणों वाले 150 से अधिक रोगियों का इलाज किया गया है. क्षेत्र के निजी चिकित्सकों ने भी ऐसे मामलों में वृद्धि की सूचना दी है. सिविल लाइंस के विधायक गोपाल शर्मा ने निवासियों के विरोध के बाद कई बार क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के प्रयास चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द एक स्थायी समाधान खोजने के लिए प्रयास कर रहे हैं. अधिकारियों को स्वच्छ जल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग की पहुंची टीम
शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (पीएचईडी) और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात किया गया है. प्रभावित इलाकों में दवाओं के वितरण और जल आपूर्ति व्यवस्था जैसे राहत उपाय किए जा रहे हैं. हालांकि, पूर्व कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर सड़क अच्छी स्थिति में थी, तो इसे क्यों खोदा गया? इस तरह के काम के कारण सीवर और पानी की लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से यह संकट पैदा हुआ है. उन्होंने समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है. इस बीच निवासियों ने कहा कि आश्वासन के बावजूद टैंकर की आपूर्ति अपर्याप्त है. अधिकारियों ने कहा कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं. स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.
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News Source: PTI
