Ghaziabad Crime: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो बेटों ने अपने पिता की ही हत्या करा दी. पिता वायुसेना से रिटायर थे. इस हत्याकांड में यूपी पुलिस का एक सिपाही भी शामिल था.
Ghaziabad Crime: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो बेटों ने अपने पिता की ही हत्या करा दी. पिता वायुसेना से रिटायर थे. इस हत्याकांड में यूपी पुलिस का एक सिपाही भी शामिल था. पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि तीन आरोपी फरार हैं. पुलिस तीनों को गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है. पुलिस ने दावा किया कि मृतक के दो बेटों नितेश और गुड्डू ने ही उनकी हत्या करवाई थी. आरोप है कि दोनों बेटों ने अपने पिता की हत्या करवाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही समेत भाड़े के हत्यारों को सुपारी दी थी. सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 26 दिसंबर को लोनी थाना क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में अपने घर लौट रहे पूर्व वायुसेना कर्मी योगेश (58) की दो बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. योगेश बागपत जिले के रहने वाले थे. सहायक पुलिस आयुक्त गौतम ने बताया कि योगेश ने अपने बेटों को घर खाली करने को कह दिया था. इससे नाराज उनके बेटों ने संपत्ति के लालच में उनकी हत्या की साजिश रची.
हत्याकांड में शामिल सिपाही फरार
बेटों ने पड़ोसी अरविंद (32) से संपर्क किया और उसे पिता की हत्या की सुपारी दी. उन्होंने बताया कि अरविंद ने कौशांबी जिले में सिपाही के पद पर तैनात अपने साले नवीन के साथ मिलकर गोली चलाई. सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूछताछ के दौरान अरविंद ने कुबूल किया कि उसने और नवीन ने योगेश पर दो गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौत हो गई. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि हत्या के लिए रिटायर्ड कर्मी के दोनों बेटों ने ही पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी. वारदात में उसने अपने पुलिसकर्मी बहनोई की मदद ली, जो कौशांबी जिले में पुलिस की मीडिया सेल में बतौर सिपाही तैनात है. उन्होंने बताया कि अरविंद को बुधवार शाम को गिरफ्तार करके गाजियाबाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं.
शूटर अरविंद पहले भी कर चुका है आठ लोगों की हत्या
पुलिस ने बताया कि सिपाही नवीन और मृतक योगेश के दोनों बेटे फरार हैं. उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं. पुलिस ने बताया कि योगेश अपने दोनों बेटे नितेश और गुड्डू के परिवार के साथ अशोक विहार में रहते थे. नितेश दिल्ली की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में एआरएम है और गुड्डू गुरुग्राम की किसी कंपनी में कस्टमर रिव्यू मैनेजर. सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि आरोपी नवीन अगस्त से नौकरी पर नहीं गया है. नवीन ने पुलिस विभाग से बीमारी के नाम पर छुट्टी ले रखी है. घटना से पहले करीब एक माह तक वह लोनी और दिल्ली में रहा. वारदात के बाद नवीन मथुरा चला गया. तब से उसका मोबाइल नंबर भी बंद है. एसीपी ने बताया कि विभाग को नवीन के बारे में जानकारी दे दी गई है. पुलिस ने बताया कि अरविंद 12वीं पास है. वर्ष 2008 में बुलंदशहर के बरारी गांव में उसने अपने पिता के साथ मिलकर चाचा और उनके परिवार के आठ लोगों की हत्या कर दी थी. तब वह नाबालिग था. मामले में उसके पिता को पहले फांसी की सजा हुई थी, जो बाद में आजीवन कारावास में तब्दील हो गई. अरविंद को सुधार गृह भेजा गया था.
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