Lohri Muhurat: हर साल 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है. यहां जानें लोहड़ी का महत्व और इसका शुभ मुहूर्त कब है.
8 January, 2026
Lohri Muhurat: नए साल के पहले त्योहार लोहड़ी के आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन सभी लोग खुशी में नाचते-गाते हैं. लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है, लेकिन अब इसे देश के अन्य हिस्सों में भी मनाया जाने लगा है. बहुत लोगों को लोहडी के महत्व के बारे में जानकारी नहीं होती. आज हम आपो लोहड़ी के बारे हर जानकारी देंगे कि यह कब, क्यों और कैसे मनाया जता है और इस साल इसका शुभ मुहूर्त कब है.

क्यों खास है लोहड़ी का त्योहार
लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से फसलों की कटाई से जुड़ा है. इस दिन रबी फसल की कटाई की जाती है . इस दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर की घूमना शुरू करता है, इसलिए दिन फिर से बड़े होने लगते हैं और रात छोटी होने लगती है. इन सभी घटनाओं की खुशी में लोग लोहड़ी की आग जलाकर उसके चारों ओर परिक्रमा लगाते हैं और नाचते-गाते हैं. रबी की कटी हुई फसलों को अग्नि में डाला जाता है. इसके साथ ही मूंगफली, तिल और गुड़ को भी अग्नि में डाला जाता है. इस दिन पतंग उड़ाई जाती है और लोग अपनों को तोहफे देते हैं.
लोहड़ी का शुभ मुहूर्त
लोहड़ी पर प्रदोष काल में आग जलाना सबसे अच्छा माना जाता है. इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 5:44 बजे होगा. इसलिए, सूर्यास्त के बाद का दो घंटे का समय लोहड़ी और अग्नि पूजा के लिए सबसे शुभ रहेगा.

लोहड़ी पूजा विधि 2026
लोहड़ी के दिन सबसे पहले लकड़ियां इकट्ठा करें और उन्हें अच्छे से सजाएं. अब लकड़ी को शुद्ध करने के लिए उस पर गंगाजल या पवित्र जल छिड़कें. लोहड़ी की लकड़ी पर हल्दी, कुमकुम और बिना टूटे चावल के दाने चढ़ाएं. इसके बाद, शाम को, शुभ मुहूर्त में आग जलाएं और साथ में उसकी परिक्रमा करें. परिक्रमा करते हुए इसके बाद गुड़, मूंगफली, मक्का, गेहूं की बालियां आग में डालें. अब जीवन में सुख और शांति के लिए प्रार्थना करें. ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी के दिन छोटे बच्चों को आग के धुएं में रखना चाहिए. ऐसा करने से बुरी नजर दूर होती है और अच्छी सेहत मिलती है.
यह भी पढ़ें- इस साल मकर संक्रांति पर है एकादशी का संयोग, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
