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इंदौर के बाद अब ग्रेटर नोएडा में जल प्रदूषण का कहरः डेल्टा-1 सेक्टर में दूषित जल से दर्जनों बीमार

by Sanjay Kumar Srivastava
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Polluted water in Greater Noida: इंदौर में दूषित जल पीने से हुई मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि ग्रेटर नोएडा में भी दूषित पेयजल के सेवन से कई लोग बीमार पड़ गए.

Polluted water in Greater Noida: इंदौर में दूषित जल पीने से हुई मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि ग्रेटर नोएडा में भी दूषित पेयजल के सेवन से कई लोग बीमार पड़ गए. इस घटना से निवासियों में दहशत फैल गई. ग्रेटर नोएडा के डेल्टा 1 सेक्टर के कई निवासी दूषित पेयजल के सेवन के बाद बीमार पड़ गए. इससे लोगों में दहशत फैल गई. आपूर्ति लाइन में सीवेज के मिलने की शिकायतें सामने आईं. मंगलवार और बुधवार को सेक्टर के कुछ हिस्सों में नल का पानी पीने के बाद प्रभावित निवासियों ने उल्टी, बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसे लक्षणों की शिकायत की. ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के अधिकारियों ने पीने के पानी में सीवेज के मिश्रण से इनकार किया और दावा किया कि अब तक किए गए परीक्षणों में पानी साफ पाया गया है. स्थानीय निवासी कल्याण संघ (RWA) के पूर्व अध्यक्ष और निवासी ऋषिपाल भाटी ने गुरुवार को पीटीआई को बताया कि सी ब्लॉक में सीवेज के ओवरफ्लो और पाइपलाइनों में रिसाव इस समस्या का कारण बना.

ग्रेटर नोएडा में सीवेज का ओवरफ्लो आम समस्या

उन्होंने कहा कि लगभग छह से सात परिवार दूषित पानी पीने के बाद उल्टी, बुखार और दस्त जैसे लक्षणों से बीमार पड़ गए. उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह की शिकायतें पहले भी अन्य ब्लॉकों से सामने आई थीं. मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में दूषित जल से हुई मौत को देखते हुए यहां के लोगों में चिंता और बढ़ गई है. गुजरात के गांधीनगर में भी कई लोग प्रदूषित पानी की आपूर्ति के कारण बीमार पड़ गए थे. इसके बाद से विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों की निगरानी और जांच बढ़ा दी है. डेल्टा 1 के निवासियों ने आरोप लगाया कि अवरुद्ध सीवर लाइनों से निकलने वाला गंदा पानी टूटी हुई पाइपलाइनों में मिल रहा है और घरों के नलों तक पहुंच रहा है. एक निवासी ने नल का पानी पीने के बाद पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जबकि अन्य ने कहा कि इस क्षेत्र में पानी का रिसाव एक आम समस्या है. पास के बीटा 1 सेक्टर के निवासी हरेंद्र भाटी ने दावा किया कि ग्रेटर नोएडा के कई हिस्सों में सीवेज का ओवरफ्लो होना एक आम समस्या है.

अधिकारियों ने किया प्रभावित इलाके का दौरा

उन्होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. GNIDA के अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण ने बुधवार को शिकायतों का तुरंत संज्ञान लिया और जल विभाग की एक टीम ने प्रभावित घरों का दौरा कर पानी के नमूनों की जांच की. जीएनआईडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नमूने साफ पाए गए. एक घर में आपूर्ति कनेक्शन की समस्या थी और दूसरे में रिसाव था, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में अन्य जगहों पर हुई घटनाओं के मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनजी रवि कुमार ने शहर भर में पानी की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं. अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि जल विभाग को उन सभी क्षेत्रों में नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है जहां प्राधिकरण पानी की आपूर्ति करता है.

जांच के लिए भेजा जाएगा पानी के नमूनों को

उन्होंने कहा कि बुधवार शाम को पानी की आपूर्ति बहाल होने के बाद नए नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा. सिंह ने आगे कहा कि बिल्डरों और अपार्टमेंट मालिकों के संघों को नियमित रूप से जल भंडारों की सफाई करने, नमूनों की जांच कराने और प्राधिकरण को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि निवासियों को एक पत्र जारी किया जा रहा है, जिसमें उनसे दूषित पानी की आपूर्ति की किसी भी घटना की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया गया है. गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को डेल्टा 1 में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया, जहां 23 लोगों की जांच की गई और उल्टी व दस्त से पीड़ित सात मरीजों का इलाज किया गया.

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