Love Jihad : हिंदू उत्सव समिति (HUS) ने अपने सनातनी सदस्यता अभियान का बिगुल फूंक दिया है. लक्ष्य है कि एक साल में एक लाख नए सदस्य और लव जिहाद के खिलाफ जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे.
- मध्य प्रदेश से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
Love Jihad : राजधानी भोपाल में आज से एक बड़े सामाजिक और सियासी घटनाक्रम की शुरुआत हुई है. हिंदू उत्सव समिति (HUS) ने अपने सनातनी सदस्यता अभियान का बिगुल फूंक दिया है. लक्ष्य है कि एक साल में एक लाख नए सदस्य और लव जिहाद के खिलाफ जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे. इस पर सियासत भी गरमा गई है. कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है तो BJP ने कांग्रेस की मानसिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
हाथों में भगवा ध्वज और जुबां पर एकता का संकल्प, भोपाल के इतवारा स्थित दुर्गा चौक से आज हिंदू उत्सव समिति ने अपने व्यापक सदस्यता अभियान का आगाज किया. पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत राम भूषण दास और अन्य संतों की मौजूदगी में संकल्प लिया गया कि अगले एक साल में भोपाल के कोने-कोने से एक लाख सनातनियों को जोड़ा जाएगा.
सनातनी एकता को मजबूत करना
HUS अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य सनातनी एकता को मजबूत करना है. वार्ड बस्ती और मोहल्ला स्तर पर टोलियां बनाई जाएंगी. माता-बहनों की भागीदारी इसमें अहम होगी. हम घर-घर जाकर लव जिहाद जैसी घटनाओं के प्रति परिवारों को जागरूक करेंगे. अभियान की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि कांग्रेस ने इस पर सीधे सरकार को आड़े हाथों ले लिया. कांग्रेस प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने कहा कि अगर लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं तो यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा सरकार की विफलता है.
अगर ये प्रकरण बढ़ रहे हैं तो भाजपा अपनी नाकामी स्वीकार करे. मुख्यमंत्री ने कड़े कानून की बात कही थी, वो कहां है, भाजपा के लोग ही संगठन चला रहे हैं तो उन्हें अपनी सरकार से सवाल पूछना चाहिए. कई मामलों में तो भाजपा नेताओं के नाम ही सामने आते हैं.
कांग्रेस विरोध करने अधिकार खो चुकी
कांग्रेस के वार पर भाजपा ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की. BJP प्रवक्ता कर्नल ईशान आर ने कांग्रेस के विरोध को अनैतिक करार देते हुए उसे अपनी आंतरिक स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दे डाली. कर्नल ईशान आर. ने कहा कि कांग्रेस विरोध करने का नैतिक आधार खो चुकी है. एक सामाजिक संगठन अगर जागरूकता ला रहा है तो उस पर आपत्ति क्यों? कांग्रेस ने जिस तरह की ओछी मानसिकता हाल ही में दिखाई है, उसके बाद उनका वजूद वैसे ही खत्म हो रहा है. वे बस खबरों में बने रहने के लिए फिजूल की बयानबाजी कर रहे हैं.
भोपाल की सडक़ों से शुरू हुआ यह सनातनी अभियान अब सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है. एक तरफ समिति इसे समाज की मजबूती बता रही है तो दूसरी तरफ 2026 की राजनीतिक जमीन पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. अब देखना होगा कि एक लाख सदस्यों का यह संकल्प आने वाले समय में मध्य प्रदेश की सियासत में क्या नया मोड़ लेकर आता है.
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