भारत में इन जगहों पर होती है रावण की पूजा
अक्टूबर 20, 2026
02 Feb 2026
'तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा...' पढ़ें बशीर बद्र के सदाबहार शेर.
लिबास की क़ीमत
यहां लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे.
धड़कते पत्थर
य हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं,
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में.
आँखें हमारी
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा,
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा.
मोहब्बतों में
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला,
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला.
फूल मुझे
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं,
तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा.
बड़ी काएनात
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने,
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला.
यूँ करो
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा,
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो.
ग़ज़लों से सूरत
इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी,
लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे.
मिरी शख़्सियत
मुख़ालिफ़त से मिरी शख़्सियत संवरती है,
मैं दुश्मनों का बड़ा एहतिराम करता हूं.
अक्टूबर 20, 2026
अक्टूबर 19, 2026
अक्टूबर 18, 2026
अक्टूबर 16, 2026
अक्टूबर 15, 2026
अक्टूबर 13, 2026
अक्टूबर 12, 2026
अक्टूबर 10, 2026
अक्टूबर 8, 2026
अक्टूबर 7, 2026
अक्टूबर 6, 2026
अक्टूबर 6, 2026