Modi attack on the opposition: मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अभी भी जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. इन दलों ने जनता के विश्वास और जमीनी हकीकत दोनों से खुद को दूर कर लिया है.
Modi attack on the opposition: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ‘संविधान की प्रति सिर पर रखकर नाचते हैं’ उन्होंने सत्ता में रहते हुए संविधान की भावना को कुचलते हुए अन्यायपूर्ण और प्रतिगामी कानून बनाए रखा. दो एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी दल दिल्ली और इसके आसपास के राज्यों हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये जो लोग संविधान की प्रति सिर पर रखकर नाचते हैं ना, वो संविधान को कैसे कुचलते थे, वो बाबा साहेब (अंबेडकर) की भावना को कैसे दगा देते थे, वो सच्चाई मैं बताने जा रहा हूं. यह सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. दिल्ली में हमारे सफ़ाई कर्मचारी बहुत बड़ी ज़िम्मेदारियां निभा रहे हैं. हमें हर सुबह उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार करती थीं.
भाजपा की सफलता को नहीं पचा पा रहे
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम में एक प्रावधान है कि बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी पर न आने पर सफ़ाई कर्मचारियों को एक महीने की जेल हो सकती है. वे सफ़ाई कर्मचारियों के बारे में क्या सोचते थे? मोदी ने कहा कि आप उन्हें एक छोटी सी गलती के लिए जेल में डाल देंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी पार्टी के सदस्य अक्सर संविधान की एक प्रति लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के हमले से इसे बचाने की शपथ लेते देखे जाते हैं. मोदी ने कहा कि विपक्षी दल जो अब सामाजिक न्याय के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने देश में ऐसे कई नियम और कानून बनाए हैं. मोदी ने कहा कि सरकार ऐसे गलत कानूनों को खत्म कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही ऐसे सैकड़ों कानूनों को निरस्त कर चुकी है और यह प्रक्रिया जारी है. अपने भाषण के दौरान मोदी ने उस अनोखे गठबंधन पर भी प्रकाश डाला जिसके तहत वर्तमान में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भाजपा सरकारें हैं.
दिल्ली- NCR नकारात्मक राजनीति से मुक्त
उन्होंने कहा कि यह पूरे क्षेत्र द्वारा उनकी पार्टी और उसके नेतृत्व को दिए गए असीम आशीर्वाद को दर्शाता है. मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस ज़िम्मेदारी को समझते हुए, सरकार दिल्ली-एनसीआर के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि कुछ राजनीतिक दल अभी भी जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन दलों ने जनता के विश्वास और ज़मीनी हक़ीक़त, दोनों से खुद को दूर कर लिया है. यह याद करते हुए कि कैसे कुछ महीने पहले दिल्ली और हरियाणा के लोगों को एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़ा करने की साज़िशें रची गई थीं, प्रधानमंत्री ने ज़िक्र किया कि झूठे दावे किए गए थे कि हरियाणा के निवासी दिल्ली की पानी की आपूर्ति में ज़हर मिला रहे हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दिल्ली और पूरा एनसीआर अब ऐसी नकारात्मक राजनीति से मुक्त हो गया है.
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