Home राज्यHimachal Pradesh हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: अब पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं भी कहलाएंगी ‘निराश्रित’, मिलेगी पेंशन

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: अब पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं भी कहलाएंगी ‘निराश्रित’, मिलेगी पेंशन

by Sanjay Kumar Srivastava
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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: अब पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं भी कहलाएंगी 'निराश्रित', बदली परिभाषा, मिलेगी पेंशन

Himachal Cabinet: हिमाचल कैबिनेट ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया है. अब पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं भी ‘निराश्रित’ मानी जाएंगी. सरकार की तरफ से उन्हें भी पेंशन दी जाएगी.

Himachal Cabinet: हिमाचल कैबिनेट ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया है. अब पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं भी ‘निराश्रित’ मानी जाएंगी. सरकार की तरफ से उन्हें भी पेंशन दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से बिना आय वाली परित्यक्त महिलाओं को भी सामाजिक सुरक्षा का हक मिल गया है. हिमाचल में पेंशन नियमों में बदलाव को कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई. सरकार ने निराश्रित की परिभाषा बदल दी है. हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने शनिवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिसमें उनके पतियों द्वारा छोड़ी गई और आय के बिना महिलाओं को निराश्रित महिला माना जाएगा. सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन करके ‘निराश्रित’ शब्द को फिर से परिभाषित किया गया है. संशोधित प्रावधानों के तहत अपने पतियों द्वारा छोड़ी गई और स्वतंत्र आय के बिना महिलाएं विभिन्न राज्य सरकार की योजनाओं के तहत निराश्रित महिलाओं को मिलने वाले लाभ के लिए पात्र होंगी.

दो कार्यकाल तक आरक्षित सीटें होंगी अनारक्षित

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित संशोधनों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया. प्रस्तावित संशोधनों में प्रावधान है कि जो पंचायतें आधार वर्ष 2010 के बाद से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें 31 मई को होने वाले आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा. कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया ‘राज्य के बच्चों’ को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत विस्तार किया जाएगा. कैबिनेट ने उन 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की भी मंजूरी दे दी जो एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद चालू नहीं हो पाईं. कैबिनेट ने पंडोह में 10 मेगावाट लघु जलविद्युत परियोजना को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को आवंटित करने का निर्णय लिया. इसके अलावा तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, शिक्षा और जनसंपर्क विभागों में विभिन्न श्रेणियों के तहत 111 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई.

सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ का होगा गठन

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के धगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे. इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड धगवार दूध प्रसंस्करण संयंत्र के प्रबंधन और संचालन के लिए प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाएगा. कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ मार्ग पर हेली-टैक्सी सेवाओं को प्रति सप्ताह तीन उड़ानों से बढ़ाकर बारह उड़ानें भरने की भी मंजूरी दे दी. कैबिनेट ने निर्णय लिया कि जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत लगे आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन राज्य के संसाधनों से जारी किया जाएगा.मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पट्टा नियम, 2013 के नियम 7 में संशोधन करके हिमाचल प्रदेश आवास और शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के पक्ष में 80 साल का पट्टा देने पर भी सहमति दी, जिसमें पहले प्रावधान था कि राज्य सरकार 40 साल से अधिक की अवधि के लिए भूमि का पट्टा नहीं देगी.

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News Source: PTI

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