Home Latest News & Updates अबू सलेम की पैरोल पर अड़चन: 1993 मुंबई बम धमाकों का है दोषी, इस वजह से जाना चाहता है अपने घर आजमगढ़

अबू सलेम की पैरोल पर अड़चन: 1993 मुंबई बम धमाकों का है दोषी, इस वजह से जाना चाहता है अपने घर आजमगढ़

by Sanjay Kumar Srivastava
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Abu Salem

Bombay High Court: मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी अबू सलेम के पैरोल में पेच फंस गया है. सलेम ने 14 दिन की पेरोल मांगी थी.

Bombay High Court: मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी अबू सलेम के पैरोल में पेच फंस गया है.सलेम ने 14 दिन की पेरोल मांगी थी.जबकि महाराष्ट्र सरकार दो दिन के पैरोल की बात कह रही है. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि सलेम ‘अंतरराष्ट्रीय अपराधी’ है, इसलिए उसे 14 दिन की पैरोल नहीं दी जा सकती. महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में दोषी ठहराए गए गैंगस्टर अबू सलेम को ‘अंतरराष्ट्रीय अपराधी’ घोषित किया गया है. इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की आपातकालीन पैरोल दी जा सकती है. सलेम ने अपने बड़े भाई की मृत्यु का हवाला देते हुए 14 दिन की पैरोल मांगी थी. लोक अभियोजक मनखुवार देशमुख ने कहा कि सलेम के अंतरराष्ट्रीय अपराधी होने के कारण 14 दिन की पैरोल संभव नहीं है.

सुरक्षा कारणों से केवल 2 दिन की पैरोल

देशमुख ने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन ने कहा है कि सलेम को पुलिस सुरक्षा के साथ दो दिन की पैरोल दी जा सकती है, जिसका खर्च उसे स्वयं वहन करना होगा. सलीम के वकील फरहाना शाह ने कहा कि दो दिन पर्याप्त नहीं होंगे क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जाना है. शाह ने कहा कि पुलिस सुरक्षा की भी कोई आवश्यकता नहीं है. सलेम दो दशकों से अधिक समय से जेल में है और आपातकालीन पेरोल की मांग कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि सलेम भारतीय नागरिक है. न्यायमूर्ति अजय गडकरी और श्याम चंदक की पीठ ने सरकार को सलेम को 14 दिन की पैरोल देने पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी.

14 दिन की पैरोल के लिए किया था आवेदन

सलेम ने दिसंबर 2025 में दायर अपनी याचिका में पैरोल की मांग की थी क्योंकि उसके बड़े भाई अबू हकीम अंसारी का पिछले साल नवंबर में निधन हो गया था. अदालत की क्रिसमस की छुट्टियों के कारण सलेम की की याचिका में देरी हुई. सलीम की याचिका के अनुसार, उन्होंने 15 नवंबर को ही अपने दिवंगत भाई के अंतिम संस्कार और संबंधित रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए जेल अधिकारियों से आपातकालीन 14 दिन की पैरोल के लिए आवेदन किया था. हालांकि, जेल अधिकारियों ने 20 नवंबर 2025 के एक आदेश द्वारा उसकी याचिका खारिज कर दी. सलीम ने बताया कि नवंबर 2005 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है. उसे अपनी मां की मृत्यु के बाद और अपनी सौतेली मां के निधन के बाद ही कुछ दिनों की पैरोल छुट्टी दी गई थी.

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