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मकर संक्रांति 2026: ब्रह्म मुहूर्त में CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में की विशेष पूजा, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

by Sanjay Kumar Srivastava
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Makar Sankranti in Gorakhpur: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं CM योगी ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई.

Makar Sankranti in Gorakhpur: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं CM योगी ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई. इस मौके पर योगी ने शिव अवतार महायोगी से सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की. महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर योगी ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं. गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई. लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिलसिला लगातार आज गुरुवार को भी जारी है.

बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य

सीएम योगी ने कहा कि गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ाई. यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है. गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के त्योहारों की परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है. वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा है. जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि माना जाता है. आज के बाद सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे.

मिथुन राशि तक उत्तरायण रहेंगे सूर्य भगवान

सीएम योगी ने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है, ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है तो यह मकर संक्रांति कहलाता है. मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे. उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होती है. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जो देश के अंदर पूरब, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण, सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम व रूप में आयोजित होता है. पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है.

देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन

मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित किया. वहीं, प्रयागराज में लाखों श्रद्धालु कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं, अपितु भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगाए.

ये भी पढ़ेंः मकर संक्रांति: संगम तट पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, 1 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान

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