Sudan-India Relations: सूडान के विदेश मंत्री मोहिएद्दिन सलीम अहमद इब्राहिम ने भारत को देश के आर्थिक पुनर्निर्माण में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया है.
Sudan-India Relations: सूडान के विदेश मंत्री मोहिएद्दिन सलीम अहमद इब्राहिम ने भारत को देश के आर्थिक पुनर्निर्माण में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया है. विदेश मंत्री ने कहा कि भीषण संघर्ष के बाद अब सूडान एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है. इब्राहिम ने बताया कि सरकारी सेनाएं राजधानी खार्तूम पर पुनः नियंत्रण पा रही हैं और प्रशासन पोर्ट सूडान से वापस खार्तूम स्थानांतरित हो गया है. भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक (IAFMM) से पहले उन्होंने कहा कि सूडान अब टिकाऊ और समावेशी विकास के लिए भारतीय निवेश का इच्छुक है, ताकि युद्ध से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे और व्यापार को फिर से खड़ा किया जा सके. कहा कि मैंने खुद खार्तूम से दोहा और दोहा से नई दिल्ली तक हवाई यात्रा की. इससे पता चलता है कि सूडान में जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. इब्राहिम ने बताया कि सूडान अपनी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए भारत से अधिक निवेश, विशेष रूप से सोने के खनन और दवा क्षेत्र में आकर्षित करने के लिए प्रयासरत है.
सूडान में हालात हो रहे सामान्य
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हम भारतीय निजी क्षेत्र को अपनी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में एक स्वाभाविक और रणनीतिक भागीदार के रूप में देखते हैं, जो टिकाऊ, समावेशी और भविष्योन्मुखी नींव पर आधारित है. सूडानी नेता ने अरब जगत और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों पर जोर देते हुए उन्हें “लंबे समय से भाई-बहन” बताया. इब्राहिम ने अफ्रीका और अरब जगत को साझेदारी का एक मजबूत आधार बताया. उन्होंने कहा कि हम (अरब लीग) भारत को एक बड़ी शक्ति और प्रमुख भागीदार के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि भारत की जनसंख्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका राजनीतिक प्रभाव बहुत अधिक है. भारत की सूडान में पहले से ही उपस्थिति है, लेकिन मंत्री ने संघर्ष के बाद के युग में सहयोग के विस्तार के प्रति आशा व्यक्त की. सूडान में अप्रैल 2023 में सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच युद्ध शुरू हुआ था. मंत्री ने जोर देकर कहा कि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है. इस नए युग में हम कृषि, खनन, परिवहन, प्रौद्योगिकी और जीवन के हर क्षेत्र में अधिक साझेदारी की उम्मीद कर रहे हैं.
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक 31 को
इब्राहिम ने विशेष रूप से सोने के खनन में अवसरों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सूडान के 45 प्रतिशत क्षेत्र खनन गतिविधियों के लिए तैयार हैं. प्राकृतिक संसाधन, विशेष रूप से सोना निवेश के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है. दवा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में इब्राहिम ने कहा कि भारत पहले से ही सूडान को दवाओं और सामग्रियों का एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता है. अब हम व्यापार से आगे बढ़कर स्थानीय उत्पादन और मूल्यवर्धन की ओर बढ़ना चाहते हैं. दवा निर्माण, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति में संयुक्त उद्यम, अस्पताल प्रबंधन और निदान सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा प्रशिक्षण अवसंरचना में काफी अवसर हैं. इब्राहिम ने कहा कि उद्देश्य स्थानीय उत्पादन साझेदारी के माध्यम से आयात को कम करना है. अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति के क्षेत्र में संबंधों को गहरा करने के लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात की सह-अध्यक्षता में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक शनिवार (31 जनवरी) को नई दिल्ली में हो रही है. इस बैठक में अन्य अरब लीग सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भाग लेंगे.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
