Pharma Industry: सरकार लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है. सरकार मूल्य निर्धारण नीति के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी कि दवाएं सुलभ और किफायती हों.
Pharma Industry: सरकार लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है. सरकार मूल्य निर्धारण नीति के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी कि दवाएं सुलभ और किफायती हों.इसके अलावा फार्मा उद्योग के विकास के लिए भी सरकार काम कर रही है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दवाएं काफी सस्ती हो जाएंगी और लोगों को राहत मिलेगी. यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में दी. राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने उद्योग के विकास और आवश्यक दवाओं की मूल्य निर्धारण नीति के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. नड्डा ने कहा कि हमारी औषधि नीति और मूल्य निर्धारण नीति मजबूत और स्थिर हैं.
दवाओं की कीमतों पर लगेगी लगाम
कीमतों के नियंत्रण पर मंत्री ने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि मूल्य निर्धारण नीति के माध्यम से हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाएं सुलभ और किफायती हों. दूसरा, उद्योग का विकास होना चाहिए. नवाचार होना चाहिए और रोजगार सृजन के अवसर होने चाहिए. मंत्री ने कहा कि हमें एक संतुलन बनाए रखना होगा. नड्डा ने कहा कि नीतिगत मुद्दों पर परामर्श एक सतत और पारदर्शी गतिविधि है जो विभाग द्वारा सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रभाव और दक्षता का आकलन करने के लिए की जाती है. उन्होंने कहा कि 2024 में विभाग और राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण नीति 2012 और औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 से संबंधित मामलों पर विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श किया.
बीते 10 वर्षों में घटा दवाओं पर खर्च
नड्डा ने कहा कि औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया है जो विभाग द्वारा समय-समय पर की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और आवश्यक दवाएं जनता को किफायती मूल्य पर सुलभ और उपलब्ध कराई जा सकें. मंत्री ने कहा कि केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से लोगों को मुफ्त दवाएं और उपचार भी उपलब्ध करा रहा है. जन औषधि केंद्र के माध्यम से जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. नड्डा ने सदन को बताया कि पिछले 10 वर्षों में दवाओं पर जेब से होने वाला खर्च 62.6 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत हो गया है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
