Home Latest News & Updates आखिरी वक्त पर पलटा पासा: कांटे की टक्कर में BJP की संगीता बनीं चंद्रपुर की महापौर, एक वोट से हारी कांग्रेस

आखिरी वक्त पर पलटा पासा: कांटे की टक्कर में BJP की संगीता बनीं चंद्रपुर की महापौर, एक वोट से हारी कांग्रेस

by Sanjay Kumar Srivastava
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आखिरी वक्त पर पलटा पासा: कांटे की टक्कर में BJP की संगीता खांडेकर बनीं चंद्रपुर की महापौर, एक वोट से हारी कांग्रेस

Chandrapur Municipal Corporation: महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा की पार्षद संगीता खांडेकर शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन से महापौर पद पर निर्वाचित हो गईं.

Chandrapur Municipal Corporation: महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निगम में अपना महापौर पद हासिल करने की कगार पर खड़ी कांग्रेस को मंगलवार को उस समय झटका लगा जब भाजपा की पार्षद संगीता खांडेकर शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन से इस पद पर निर्वाचित हो गईं. शिवसेना (यूबीटी) के पार्षद प्रशांत दानव उप महापौर चुने गए. महापौर पद के लिए शिवसेना (यूबीटी) की मानस्वी संदीप गिरहे, कांग्रेस की संगीता मंगल भोयर, संगीता गोपालकृष्ण अमृतकर, सुनंदा दिलीप धोबे और वैशाली अजय महादुले, साथ ही भाजपा की संगीता राजेंद्र खांडेकर और सारिका सचिन संदुरकर ने नामांकन दाखिल किए. भाजपा की खांडेकर ने शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को एक वोट से हराकर महापौर पद हासिल किया. हार पर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी, एआईएमआईएम और वंचित बहुजन अघाड़ी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया.

शिवसेना (यूबीटी) ने दिया BJP को समर्थन

चंद्रपुर महापौर चुनाव में भाजपा को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट मिले. शिवसेना (यूबीटी) एमवीए और इंडिया ब्लॉक में सहयोगी है. अपने छह पार्षदों के साथ शिवसेना (यूबीटी) से कांग्रेस को समर्थन देने की उम्मीद थी. लेकिन पार्टी ने भाजपा का साथ देने का फैसला किया. मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के राज्य पर गंभीर परिणाम होंगे. महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में उस समय स्तब्धता छा गई जब भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों का समर्थन हासिल करके कांग्रेस को पछाड़ दिया, जबकि कांग्रेस को महापौर नियुक्त करने की बेहतर स्थिति दिख रही थी. 15 जनवरी को हुए चुनावों में खंडित जनादेश के बाद सोमवार तक नगर निकाय में गठबंधन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी. 66 सदस्यीय नगर निकाय में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि भाजपा 23 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. इसके चलते दोनों पार्टियों के बीच महापौर और उप महापौर के प्रतिष्ठित पदों के लिए गठबंधन बनाने की होड़ मच गई थी.

विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को छह सीटें मिलीं, जबकि भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को तीन, वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) को दो और एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली. दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीते, जिनके परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए गए. सपकाल ने कहा कि एआईएमआईएम के समर्थन से भाजपा को बढ़त मिली, जबकि प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाली वीबीए मतदान के दौरान अनुपस्थित रही. उन्होंने कहा कि अगर वंचित बहुजन अघाड़ी, जिसके साथ हमने नगर निकाय चुनावों में गठबंधन किया था, ने कांग्रेस का समर्थन किया होता, तो हमारा उम्मीदवार जीत जाता. विधायकों की खरीद-फरोख्त हुई थी. चंद्रपुर कांग्रेस में गुटबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी के पार्षद एकजुट थे. उन्होंने चंद्रपुर में कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेद सुलझा लिए थे.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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